संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में 550 टन 12-32-16 खाद की नई खेप पहुंच गई है। वीरवार को इफ्को के सोसायटी गोदामों में खाद खरीदने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई किसान ट्रैक्टर लेकर पहुंचे हुए थे और ट्रॉलियां भरकर खाद ले गए।
सितंबर माह की शुरुआत के समय क्षेत्र में आलू की बिजाई होती है। ऐसे में किसान अभी से खाद को स्टॉक करने लगे हैं, लेकिन अगर एक-एक किसान 12-32-16 खाद की 100 से 150 बोरी खरीदेगा तो भविष्य में खाद का संकट पैदा होना तय है। जानकारी के अनुसार वीरवार को क्षेत्र में इफ्को की सबसे बड़ी सोसायटियों में से एक पंडोगा और नगनोली सोसायटी में खाद से लदी करीब 10 गाड़ियां पहुंचीं।
हैरत की बात यह रही कि आसपास के गांवों के कई बड़े किसान सुबह करीब 8:00 बजे ही खाद खरीदने पहुंच गए थे। इस दौरान किसान ट्रॉलियां भरकर खाद ले गए। एक ट्राली में 100 से 125 खाद की बोरी आती है। वीरवार सुबह-सुबह ही करीब 15 से 20 किसानों ने बड़ी मात्रा में खाद की खरीद की है। सूत्रों की मानें तो इस दौरान कई किसानों को आधार कार्ड के बगैर ही खाद दे दी गई, जोकि नियमों के खिलाफ है। वहीं, क्षेत्र के छोटे किसानों में यह चर्चा बनी हुई है कि सारे नियम क्या केवल उनके लिए ही हैं।
आलू की बिजाई के लिए स्टॉक कर रहे खाद
जिले के मैदानी इलाकों में करीब 1,500 हेक्टेयर जमीन पर आलू के दो महीने वाली फसल की खेती होती है। इसके लिए बड़ी मात्रा में 12-32-16 खाद की आवश्यकता रहती है। इसी के चलते जब वीरवार को पंडोगा और नगनोली में जैसे ही खाद पहुंची तो बड़े किसान खरीदने उमड़ पड़े। यह खाद अब दो महीने के लिए स्टॉक में रखी जाएगी और उसके बाद आलू की बिजाई के समय इस्तेमाल की जाएगी।
जिन किसानों को खाद बेची गई है वह आधार कार्ड के जरिए दी गई है। इस समय भी गोदाम में खाद का पर्याप्त मात्रा में स्टॉक है। किसान जरूरत के मुताबिक खाद की खरीद कर सकते हैं।
-मंजीत सैनी, बिक्री प्रबंधक, इफ्को सोसायटी पंडोगा
ऊना जिला के लिए 550 टन 12-32-16 खाद भेजी गई है। जहां आवश्यकता अधिक रहती है, वहां खेप भी अधिक भेजी जाती है। आधार कार्ड के बिना खाद की बिक्री नहीं की जा सकती और न ही 100 से 125 खाद की बोरी एक ही किसान को जारी की जा सकती है। एक आधार कार्ड पर सालभर में 60 बोरियां खरीदी जा सकती हैं।
-भुवनेश पठानिया, क्षेत्रीय प्रबंधक, इफ्को ऊना