मैहतपुर (ऊना)। मोदी सरकार के केंद्रीय बजट से हर वर्ग राहत की उम्मीद पाले बैठा है। नौकरी पेशा लोग टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी, घरेलू महिलाओं को रसोई बजट और कोरोना की मार झेल रहे कारोबारियों को जीएसटी तथा सीजीएसटी में राहत की उम्मीद है।
माना जा रहा है कि केंद्र सरकार इस बार बिना टैक्स वाली कमाई का दायरा बढ़ा सकती है। वर्तमान में यह लिमिट ढाई लाख रुपये है। इस बजट में करमुक्त आय की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख होने की उम्मीद जताई जा रही है। हिमाचल को चुनावी साल में केंद्र से क्या नई सौगात मिलेगी इस पर भी सभी की नजर होगी।
टैक्सेशन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता शिवदत्त वशिष्ठ के अनुसार केंद्रीय बजट में अगर टैक्स स्लैब को बढ़ाया जाता है तो बहुत बड़ी आबादी को इससे राहत मिलेगी। ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर केआर आर्य का मानना है कि पहाड़ी राज्य हिमाचल में सस्ता उपचार लोगों को मिले, इसके लिए बजट में विशेष राहत मिलनी चाहिए। घरेलू महिलाएं नीलम, पूनम, सीमा, रेखा और सुषमा का कहना है कि रसोई का बजट बिगड़ने न पाए, सरकार को ऐसा बजट प्रस्तुत करना चाहिए।
शिक्षाविद प्रोफेसर योगेश सूद, डॉ रवि वैद्य, डॉ महेंद्र गोपाल शास्त्री, यशपाल सिंह कंवर ने कहा कि शिक्षा सस्ती तथा उपयोगी बने इसके लिए बजट में राहत मिलनी चाहिए। कपड़ा कारोबारी संजय भारद्वाज, संजीव सचदेवा तथा सुशील कुमार ने कहा कि बजट में जीएसटी की स्लैब कम से कम रखी जाएगी, ताकि आम लोगों पर इसका बोझ ना पड़े ऐसी उम्मीद है।
उद्योग संघ के अध्यक्ष चमन सिंह कपूर ने कहा कि उद्योग जगत के लिए बजट में कुछ खास मिलता है इस पर प्रदेश के उद्यमियों की नजरे रहेंगी।