सीबीएसई गणित क्षमता निर्माण पर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। डीएवी स्कूल अंबोटा में आयोजित दो दिवसीय सीबीएसई गणित क्षमता निर्माण कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नवीनतम शैक्षिक दृष्टिकोण, एनईपी 2020 और ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के अनुरूप गणित को डर नहीं, बल्कि आनंद का विषय बनाना था।
इस अवसर पर विषय-विशेषज्ञ मीनाक्षी सहोत्रा एवं राजीव बुधराजा ने शिक्षकों को गणित को सरल, रोचक और विद्यार्थियों के जीवन से जोड़ने वाले अनेक नवोन्मेषी तरीकों एवं गतिविधियों से अवगत कराया। खेल-खेल में सीखने की इन गतिविधियों ने न केवल कक्षा का वातावरण आनंदमय बनाने की दिशा दिखाई, बल्कि शिक्षकों को यह विश्वास भी दिलाया कि गणित बच्चों के लिए कठिन नहीं, बल्कि रचनात्मकता और तर्क का विषय है।
सत्र के दौरान विषय-विशेषज्ञों ने कक्षा 10 गणित के ब्लूप्रिंट डिज़ाइनिंग की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई। उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रश्नपत्र निर्माण में विविध संज्ञानात्मक स्तरों, ब्लूम्स टैक्सोनॉमी और एनईपी 2020 के अनुरूप संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। कार्यशाला के अंतिम सत्र में विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं एआरओ नमित शर्मा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि गणित केवल गिनती का विज्ञान नहीं है, यह जीवन को जीने का ढंग और सोचने का तरीका है। यदि हम इसे बच्चों के हृदय तक पहुंचाएंगे तो यह उनके लिए किसी बोझ का विषय नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व का साथी बन जाएगा।
अंत में उन्होंने प्रेरणादायी शब्दों में कहा कि डीएवी अंबोटा सदैव से नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रतीक रहा है। यह कार्यशाला हमारे उस संकल्प की पुष्टि करती है कि हम अपने विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं देंगे, बल्कि ऐसा दृष्टिकोण देंगे जिससे वे आत्मविश्वासी, तार्किक और जीवन के हर क्षेत्र में सफल हो सकें। गणित डर नहीं, एक उत्सव है और शिक्षक ही वह शिल्पकार हैं, जो इस उत्सव को विद्यार्थियों के जीवन में आनंद और आत्मविश्वास में बदलते हैं।