संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। विभाग ने स्कूल प्रबंधकों से बच्चों को मानकों के तहत मिड-डे मील खिलाने के निर्देश दिए हैं। इसमें बच्चों को खाने में केवल चावल दिए जाने पर आपत्ति जताई गई है।
जानकारी के अनुसार प्रारंभिक शिक्षा विभाग की टीम ने बीते दिनों जिले के कई सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता जांची। इसमें कुछ स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले खाने में कमियां मिलीं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने स्कूलों को स्पष्ट कहा है कि बच्चों को दिए जाने वाले खाने को लेकर लापरवाही न बरती जाए। सभी स्कूलों को मिड डे मील में नमकीन चावल के साथ हलवा या कोई सब्जी बनाने के लिए कहा गया है।
इसके साथ ही मिड-डे मील तैयार करने वाले कर्मियों के लिए एक ड्यूटी रजिस्टर तैयार किए जाने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा बच्चों के लिए साफ पेयजल उपलब्ध करवाने के भी आदेश दिए गए हैं।
बता दें कि बरसात के मौसम में संक्रामक रोगों से बचाव के लिए बच्चों के खाने व पेयजल को लेकर शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। सभी स्कूलों को पानी की टंकियों की सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मिड डे मील को तैयार करने वक्त सफाई व्यवस्था का पूरा ख्याल रखने के लिए कहा गया है। व्यवस्थाओं की जांच के लिए शिक्षा विभाग की टीम लगातार स्कूलों का औचक निरीक्षण करेगी।
इस संबंध में उप निदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग देवेंद्र चंदेल ने बताया कि सभी स्कूलों को मिड-डे मील व पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है। कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा सकती और उनकी टीम समय-समय पर इसकी जांच करेगी।