पाइपों में रिसाव से अमूल्य पीने का पानी नालियों में बहकर हो रहा बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला के विभिन्न स्थानों पर पेयजल बर्बादी को रोकने के लिए समय पर प्रयास नहीं हो रहे हैं। कहीं लोगों की भूल, तो कहीं विभागीय फील्ड कर्मचारियों की लापरवाही से अमूल्य पेयजल व्यर्थ बह रहा है। ऐसे ही मामले रविवार को ऊना के टक्का रोड, झलेड़ा आदि स्थानों पर सामने आए, यहां खुले नल तथा पेयजल पाइप से बड़े पैमाने में पानी व्यर्थ बह रहा था। हालांकि सूचना मिलने के बाद जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता ने ऊना और झलेड़ा दोनों स्थानों पर व्यर्थ बह रहे पानी को बंद कराया।
विभागीय टीम को क्षेत्र में अलर्ट कर ऐसे मामलों पर नजर रखने को कहा है। फिलहाल झलेड़ा में नल को बंद कर स्थानीय लोगों की ओर से माफीनामा देने के बाद ही इस नल को खोला जाएगा। इसके अलावा पुराना होशियारपुर रोड पर भी एक ऐसे ही मामले में विभागीय कार्रवाई की गई है, लेकिन दोनों ही स्थानों पर पानी बीते कुछ दिन से ऐसे ही बह रहा था, जिसकी रोकथाम के लिए समय पर कार्रवाई की बजाय लेटलतीफी के कारण पेयजल व्यर्थ जा रहा है। यहां ऊना मुख्यालय में ऐसे मामले हैं तो ग्रामीण परिवेश में क्या हालत होगी। यहां पर समय पर पाइप लाइन में रिसाव को ठीक नहीं किया जाता है। इस बात का प्रमाण संतोषगढ़ नगर में भी देखा जा सकता है। यहां पर आंबेडकर नगर एवं वार्ड चार एवं आठ को जोड़ने वाले चौक पर बाजार में पेयजल रिसाव बीते कई दिन से हो रहा है, लेकिन इसे मरम्मत करने के लिए जल शिक्त् विभाग के कर्मचारियों ने अपने स्तर पर ठीक करना आज दिन तक उचित नहीं समझा है, जिससे विभागीय अधिकारियों की अनदेखी स्पष्ट जाहिर हो रही है।
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ऊना के टक्का मार्ग, झलेड़ा और ओल्ड होशियारपुर रोड पर पेयजल बर्बादी की सूचना जैसे ही मिली। तत्काल प्रभाव से फील्ड कर्मचारियों को निर्देश देकर पेयजल पाइप लाइन मरम्मत कराई गई। झलेड़ा में नल बंद किया गया है।
-ई. नरेश कुमार धीमान, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग, ऊना