ऊना। नगर निगम क्षेत्र के मलाहत में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से डॉग शेल्टर होम बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके निर्माण को लेकर नगर निगम की ओर से प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया है।
शेल्टर होम बनने के बाद शहर में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले लावारिस कुत्तों को व्यवस्थित तरीके से रखने की सुविधा मिल सकेगी।
इससे लगातार सामने आ रहे डॉग बाइट के मामलों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। शहर के विभिन्न वार्डों में लावारिस कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मुख्य बाजार, रिहायशी क्षेत्रों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर झुंड में घूमने वाले कुत्तों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर सुबह और शाम के समय बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह समस्या अधिक गंभीर बनी हुई है।
कई बार कुत्तों के पीछे भागने से दोपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार भी हो जाते हैं। इस प्रकार की समस्या जिले के अन्य उपमंडलों में भी है। जिले में डॉग बाइट की समस्या की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मई और जून माह के दौरान 685 मामले सामने आए हैं।
बड़ी संख्या में लोग कुत्तों के काटने के बाद अस्पतालों में उपचार और एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
ऐसे में डॉग शेल्टर होम बनने से आवारा कुत्तों को शहर की सड़कों से हटाकर एक निर्धारित स्थान पर रखने की व्यवस्था विकसित हो सकेगी। नगर निगम की योजना के अनुसार मलाहत में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से डॉग शेल्टर होम बनाया जाएगा।
इसके लिए प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। शेल्टर होम में एक साथ 500 लावारिस कुत्तों को रखने की व्यवस्था रहेगी।