किस अध्यापक ने कितने फीसदी दिया रिजल्ट, होगी समीक्षा
खराब प्रदर्शन करने वाले अध्यापकों के वेतन वृद्धि होगी प्रभावित
विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधकों से जल्द रिपोर्ट जारी करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सरकारी स्कूलों में 2025-26 शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई जारी है। कुछ दिन पहले बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो गए हैं। विद्यार्थी अब अगली कक्षाओं की पढ़ाई में जुट गए हैं। इस बीच शिक्षा निदेशालय से स्कूल अध्यापकों की वार्षिक प्रदर्शन की रिपोर्ट मांगी है। इसमें बताना होगा कि किस विषय के अध्यापक का कितना फीसदी रिजल्ट रहा है।
जानकारी के अनुसार अध्यापकों से जुड़ी रिपोर्ट में 25 फीसदी से लेकर 75 प्रतिशत से ऊपर रिजल्ट लाने वाले अध्यापकों की जानकारी मांगी गई है। स्कूलों को जल्द से जल्द इसकी रिपोर्ट विभाग कार्यालयों में जमा कराने को कहा गया है। इसमें सबसे खराब 25 फीसदी रिजल्ट लाने वाले अध्यापकों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों की मानें तो खराब प्रदर्शन करने वाले अध्यापकों के साथ प्रधानाचार्य की वेतन वृद्धि भी रुक सकती है। वहीं 50 प्रतिशत से कम प्रदर्शन करने वाले अध्यापकों को भी इसका कारण बताना होगा। ध्यान रहे कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के वार्षिक नतीजों में निजी स्कूल लगातार आगे निकल रहे हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली, बच्चों को पढ़ाने का तरीका सहित अन्य व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में हैं। उन्हें दूर करने के लिए निदेशालय ने कार्रवाई करना शुरू कर दिया है।
बॉक्स
निजी स्कूलों में बढ़ रहे दाखिले
जिले में निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की दाखिला संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी स्कूलों की ओर से लगातार किए प्रयास नाकाफी साबित हो रहे। कुछेक स्कूलों को छोड़कर अन्य में बच्चों की संख्या लगातार गिरती जा रही। इसका मुख्य कारण अध्यापकों की कम संख्या, पढ़ाई में कम गंभीरता को माना जा रहा। जिन स्कूलों में अनुशासन के साथ पढ़ाई करवाई जा रही है, वहां बच्चों की संख्या अच्छी है लेकिन अन्य स्कूलों में व्यवस्थाएं जस की तस हैं।
-
उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार ने कहा कि अध्यापकों की वार्षिक रिपोर्ट मांगी गई है। सभी संस्थान इसे जल्द जमा करवाएं। जिन अध्यापकों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, वे इस सत्र में पूर्ति करें। इसका लाभ विद्यार्थियों को भी होगा।