ऊना में मालवाहक वाहन में सफर करते हुए लोग।संवाद
- फोटो : Una
ऊना। पुलिस की सख्ती के बावजूद मालवाहक वाहन में श्रद्धालुओं केे ढोने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में पुलिस ने और सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस श्रद्धालुओं से भरे मालवाहक वाहनों के अलग-अलग नियमों की अवहेलना पर चालान काट रही है। इससे भारी भरकम चालान हो रहा है। एक वाहन का 10 से 15 हजार रुपये तक चालान राशि बन रही है।
पुलिस हादसों को रोकने के लिए लगातार हिमाचल-पंजाब सीमा पर मुस्तैद है। यहां से भी श्रद्धालुओं से भरे मालवाहक वाहनों को वापस भेजा रहा है। हालांकि बॉर्डर पर पुलिस की सूचना से अब अधिक श्रद्धालुओं से भरे मालवाहक वाहन ग्रामीणों रास्तों से हिमाचल में प्रवेश कर रहे हैं। वे हमीरपुर और चिंतपूर्णी जा रहे हैं। पुलिस ने श्रद्धालुओं को रोकने के लिए मरवाड़ी, मैहतपुर और आशापुरी में नाके लगाए हैं।
पुलिस मालवाहक वाहनों से श्रद्धालुओं को उतारकर बसों में आगे जाने की सलाह दे रही है। पुलिस की सलाह न मानने पर इन्हें वापस भेजा जा रहा है। मालवाहक वाहन में श्रद्धालु ढोने पर दस हजार रुपये का चालान किया जा रहा है। इसके साथ खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर भी चालान किया जा रहा है। पुलिस रोजाना अलग-अलग जगहों पर ऐेसे वाहनों पर कार्रवाई कर रही है।
बता दें कि पंजाब से बाबा बालक नाथ और चिंतपूर्णी मंदिर जाने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु मालवाहक वाहनों में सवार होकर पहुंचते हैं। हिमाचल की सर्पीली सड़कों पर इन वाहनों का हादसाग्रस्त होने का खतरा रहता है। ऐसे में पुलिस अब सख्ती बरत रही है। इस संबंध में एएसपी प्रवीण धीमान ने बताया कि मालवाहक वाहनों में आ रहे श्रद्धालुओं को सबसे पहले समझाने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ श्रद्धालुओं को बस में जाने के लिए मान रहे हैं। अगर कोई नियमों की अवहेलना कर रहा है तो अलग-अलग प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।