संतोषगढ़ के वीरभद्र चौक हाथ में अनसूचित जाति संगठन के पदाधिकारियों प्रदर्शन को देखते हुए पहुंचा
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संतोषगढ़ (ऊना)। सवर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर क्षत्रिय संगठनों की ओर से निकाली गई एट्रोसिटी एक्ट की शवयात्रा से अनुसूचित जाति संगठन भड़क गए हैं। संगठन पदाधिकारियों ने संतोषगढ़ के वीरभद्र सिंह चौक पर प्रदर्शन किया। सीएम के काफिले को काले झंडे दिखाने की तैयारी थी, लेकिन प्रशासन ने काफिले का रूट बदल दिया। मौके पर काफी पुलिस बल तैनात रहा। अनुसूचित जाति संगठनों ने शवयात्रा को रोकने की मांग उठाते हुए सरकार और विपक्षी दल के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह दस बजे शुरू हुआ धरना दोपहर बाद भी जारी रहा। संगठनों ने चेताया कि अगर शवयात्रा न रोकी गई तो ब्लॉक स्तर पर हर जिले में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
उधर, वीरभद्र चौक पर अनुसूचित जाति संगठनों के प्रदर्शन के चलते जिला प्रशासन के लिए समस्या खड़ी हो गई। मुख्यमंत्री के काफिले को हरोली विस क्षेत्र के लिए इसी रास्ते से गुजरना था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से मुख्यमंत्री का काफिले न रोकने का आग्रह किया। संगठन के पदाधिकारियों ने भी शांतिपूर्ण तरीके से बात रखने की बात कही।
जिला प्रशासन से एसडीएम सदर डॉ. निधि पटेल, एएसपी प्रवीण धीमान ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। प्रदर्शनकारियों को देखते हुए प्रशासन ने मुख्यमंत्री के काफिले का रूट बदल दिया। अनुसूचित जाति संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों में अधिवक्ता नरेश कुमार सैंसोवाल, रवि बस्सी ने कहा कि प्रदेश में कुछ संगठन आपसी भाईचारे के माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। संविधान में दलितों को आरक्षण का अधिकार दिया है। इस तरह से शवयात्रा निकालकर संविधान का अपमान किया गया है।
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खुफिया तंत्र के फूले हाथ-पांव
ऊना। संतोषगढ़ में चल रहे प्रदर्शन में लहराई जा रही काली झंडियों का पता चलते ही खुफिया तंत्र के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में खुफिया एजेंसी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयत्न भी किया।
संतोषगढ़ के वीरभद्र चौक में अनसूचित जाति संगठन के पदाधिकारी से बातचीत करती एसडीएम सदर डा. निधि पट- फोटो : Una