शांति इंटरनेशनल कालेज के बाहर विरोध प्रदर्शन करते जेबीटी प्रशिक्षु।
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गगरेट (ऊना)। कैलाशनगर में शांति इंटरनेशनल स्कूल के बाहर मंगलवार को जेबीटी प्रशिक्षुओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जेबीटी प्रशिक्षुओं ने कहा कि पांचवीं तक कक्षाएं पढ़ाने के लिए बीएड डिग्रीधारकों के पात्र होने से उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। कहा कि बीएड और जेबीटी का अलग-अलग प्रशिक्षण करवाया जाता है। ऐसे में बीएड के प्रशिक्षु कैसे जेबीटी के लिए पात्र हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने जेबीटी प्रशिक्षुओं के हितों के खिलाफ फैसला सुनाया है।
सरकार को इस फैसले को दुरुस्त करवाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए, जिससे हजारों जेबीटी प्रशिक्षुओं का रोजगार सुनिश्चित हो सके। जेबीटी प्रशिक्षु हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन करते रहे। उनके अनुसार प्रदेश के लगभग 40 हजार जेबीटी प्रशिक्षुओं का भविष्य खराब हो रहा है। जब तक फैसले को वापस नहीं लिया गया, तब तक कक्षाओं बहिष्कार और प्रदर्शन जारी रहेगा।
अमित ठाकुर, सौरभ, अमित, दविंद्र, रिक्की, नेहा, रुचि, शिवानी, विनोद, अमरजीत, अभिषेक, विश्वजीत और शायना सहित तीनों बैच के लगभग 100 जेबीटी प्रशिक्षु उपस्थित थे। बता दें कि प्रदेश हाईकोर्ट शिमला की ओर से 26 नवंबर को सुनाए गए फैसले के अनुसार अब जेबीटी पदों के लिए बीएड डिग्रीधारक भी पात्र होंगे। इसमें याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि वे बीएड डिग्रीधारक होने के साथ टेट उत्तीर्ण भी हैं। ऐसे में एनसीटीई के नियमों के तहत जेबीटी शिक्षक बनने के लिए पात्रता रखते हैं।