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जिला में यूरिया की भारी मांग, गाड़ी पहुंचते ही उमड़े किसान

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पंडोगा में खाद लेकर जाते किसान। संवाद - फोटो : Una
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ऊना। जिले में इस समय गेहूं और आलू की फसल के लिए यूरिया खाद की भारी मांग चल रही है। इसे ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विपणन और उपभोक्ता संघ (हिमफेड) ने 12 हजार बोरियों की खेप सभी गोदामों में सप्लाई की है। लेकिन, कई जगह खाद की खेप गोदामों में पहुंचते ही वहां किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
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ऐसा ही नजारा शुक्रवार को हरोली उपमंडल के पंडोगा गांव की सोसायटी में शुक्रवार को देखने को मिला। सोसायटी में गुरुवार शाम को हिमफेड खाद की 300 बोरियां आई थी। शुक्रवार सुबह जैसे ही लोगों की खाद आने की सूचना मिली तो गोदाम के बाहर भीड़ उमड़ पड़ी।
इस दौरान एक आधार कार्ड पर खाद की दो बारियां ही दी गईं। दोपहर होते होते खाद खत्म हो गई। वहीं जो बड़े किसान खाद लेने आए वे एक आधार कार्ड पर दो बोरियां मिलने से निराश नजर आए। उनका कहना था कि एक तो खाद लंबे इंतजार के बाद पहुंची है और अब एक आधार कार्ड पर दो बोरियां उनकी जरूरत के मुताबिक नहीं है।
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गेहूं व आलू के लिए ज्यादा डिमांड
क्षेत्र में इस समय करीब 500 हेक्टेयर में आलू और लगभग 30 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल लगाई गई है। इन दोनों फसलों के लिए खाद की मांग सबसे अधिक आ रही है।
खास बात यह है कि इफको की यूरिया खाद की सप्लाई इस समय पूरी तरह ठप है। केवल हिमफेड की ओर से सप्लाई भेजी जा रही है। लेकिन, इससे किसानों की मांग पूरी नहीं हो रही और खाद संकट की स्थिति लगातार बनी हुई है।
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खाली हाथ लौटे कई किसान
पंडोगा सोसायटी के खाद वितरक मंजीत सैणी ने बताया कि क्षेत्र में यूरिया खाद की भारी मांग है। वीरवार को आई 300 बोरियां कुछ ही घंटों में खत्म हो गई हैं।
उन्होंने कहा अभी भी कई लोगों को उन्हें खाली हाथ ही लौटाना पड़ा है। वहीं हिमफेड के जिला इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि जिले से खाद की और मांग आती है तो उस हिसाब से सप्लाई भेजी जाएगी। उन्होंने कहा 24 फरवरी तक यूरिया की अगली खेप सप्लाई की जाएगी। इससे बाकी बचे किसानों को खाद की आपूर्ति की जाएगी।
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