ऊना। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक योजना बनाई जा रही है। जल शक्ति अभियान-कैच द रेन और पर्वत धारा इस योजना के मुख्य क्रियाकलाप हैं। यह बात डीसी ऊना राघव शर्मा ने जल संरक्षण को लेकर चलाई जा रही योजनाओं की प्रगति की निगरानी के लिए डीआरडीए सभागार में जिलास्तरीय समिति की प्रथम बैठक में कही।
उपायुक्त ने कहा कि जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश स्तर पर एक व्यापक कार्य योजना बनाई जा रही है। इसके अंतर्गत ऊना जिला में योजना के तहत क्रियान्वित की जाने वाली गतिविधियों और उनकी प्रगति की निगरानी के लिए समिति गठित की गई है। जिला मुख्यालय पर जल शक्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यहां जल पर आधारित सूचनाआें का संग्रह होगा। योजना के तहत जल स्रोतों के निकट अतिक्रमण हटाना भी सुनिश्चित किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत आने वाले अधिकतम कार्य मनरेगा योजना के तहत करवाए जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत करवाए जाने वाले कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। कार्य योजना के अनुसार किए जाएं। उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर गतिविधियों के लिए पंचायतों को पंद्रहवें वित्तायोग के तहत दी जाने वाले ग्रांट का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने जिला के सभी सरकारी कार्यालयों, पंचायत घरों, स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित अन्य कार्यालयों को वर्षा जल संग्रहण ढांचे बनाने की दिशा में उचित कदम उठाने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर एडीसी डॉ. अमित कुमार शर्मा, परियोजना अधिकारी डीआरडीए संजीव ठाकुर, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता अरविंद सूद, अधिशासी अभियंता नरेश धीमान, होशियार सिंह व अश्वनी बंसल, जिला पंचायत अधिकारी तिलक राज, सहायक अभियंता होशियार सिंह ठाकुर सहित अन्य उपस्थित रहे।