दो दिन बाद खुलेंगे स्कूल, आवागमन में होगी दिक्कत
कई बार कीचड़ में फिसलकर गिरते हैं बच्चे, वर्दी हो जाती है खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस सीनियर सेकेंडरी स्कूल बसाल को जाने वाला रास्ता कीचड़ में तबदील हो गया है। यहां बरसात का पानी खड़ा रहता है। रास्ते के दोनों ओर लोगों के अड़ियल रवैये के कारण स्थिति को ठीक नहीं किया जा सका। इसका खामियाजा विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को भुगतना पड़ रहा। बरसात के दिनों में इस रास्ते की हालत बेहद खराब हो जाती है। स्कूल जाने के लिए केवल यही एकमात्र रास्ता है। रास्ता पार करते समय बच्चों की वर्दियां और किताबें भीग जाते हैं। मुख्य सड़क से स्कूल की तरफ 200 मीटर का रास्ता तो लोक निर्माण विभाग की ओर से बना दिया गया है। खराब रास्ते की ग्राम पंचायत की ओर से निशानदेही भी ली जा चुकी है।
रास्ते के दूसरी ओर स्थानीय निवासी जवाहर लाल का घर है। जवाहर लाल ने बताया कि यदि निशानदेही की पैमाइश सही ढंग से की जाए और उसकी दीवार भी बीच में आती है तो वह उसे भी उठाने के लिए सहमत हैं। कहा कि उसके घर की दीवार को दो बार रास्ते में जा रहे ट्रैक्टर चालक ने तोड़ दिया। अब उसने वहां तार लगा दी है और एक बंडल भी वहां पर जमीन के किनारे पर लगा दिया। उसका कहना है कि स्कूल के बच्चों के लिए मैंने एक मीटर रास्ता छोड़ रखा है लेकिन पंचायत की ओर से ली गई निशानदेही से मैं सहमत नहीं।
ग्राम पंचायत प्रधान नरेश कुमार का कहना है कि पंचायत की उपस्थिति में निशानदेही करवा दी गई है। उस निशानदेही को मानना या न मानना दोनों पक्षों की सहमति का कार्य है। कहा कि स्कूल का रास्ता अब पंचायत के अधीन न होकर लोक निर्माण विभाग के अधीन है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य कश्मीर सिंह का कहना है कि 500 बच्चों की तकलीफ को देखते हुए रास्ते से पानी की निकासी जरूर होनी चाहिए। कई बार बच्चे यहां फिसल जाते हैं और चोटिल भी हुए। किताबें और वर्दियां भी खराब होती हैं। यहां रास्ता बनाना अति आवश्यक है।
स्कूल प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष शिव हरिपाल का कहना है कि बसाल स्कूल में पढ़ने वाले 500 बच्चों की मुश्किलों को देखते हुए इस समस्या का समाधान करना अति जरूरी है। कहा कि स्कूल विद्या का मंदिर है और यहां बच्चे विद्या ग्रहण करते हैं। दोनों पक्षों को थोड़ा त्याग बच्चों के हित में कर लेना चाहिए।
लगभग दो महीने पहले बसाल स्कूल के साथ लगते रास्ते का टेंडर हो गया है और काम भी अवार्ड हो चुका है। जैसे ही ठेकेदार पिछले काम को पूरा कर देगा, उसके बाद आगे रास्ते का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
विशाल कुमार, कनिष्ठ अभियंता, पीडब्ल्यूडी उपमंडल बसाल