पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर मुस्कान नाम की घायल लड़की करीब 20 मिनट तक स्ट्रेचर पर यूं ही पड़ी रही। ए?
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टाहलीवाल/ऊना। अवैध पटाखा फैक्टरी में मंगलवार सुबह हुए भीषण हादसे के बाद जख्मी और झुलसे कामगारों को अव्यवस्थाओं की मार झेलनी पड़ी।
बताया जा रहा है कि घटना के बाद करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान स्थानीय लोगों ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए करीब सात लोगों को तुरंत अपनी निजी गाड़ियों से अस्पताल पहुंचाया। इसके कुछ देर बाद एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई और बाकी बचे घायलों को ऊना अस्पताल पहुंचाया गया।
उधर, दमकल विभाग के कार्य की क्षेत्र में हर कोई सराहना कर रहा है। लोगों का कहना है कि घटना के करीब 10 मिनट बाद ही दमकल विभाग का दल मौके पर पहुंच गया और तुरंत आग पर काबू पा लिया गया। स्थानीय व्यक्ति अनुज कुमार ने बताया कि उन्हें जैसे ही घटना का पता चला वे तुरंत मौके पर पहुंच गए।
इस दौरान घायलों के लिए एंबुलेंस मौके नहीं थी। उन्होंने बिना देर किए अपनी गाड़ी में करीब सात घायल कामगारों को बैठाकर अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि इसके कुछ देर बाद एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई और घायलों का मदद की जा सकी। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू बहल ने एंबुलेंस देरी से पहुंचने की बात को नकारा है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस व्यवस्था में कोताही नहीं बरती गई और समय रहते घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।