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अंब यूनियन ने गगरेट के दो उद्योगों में रोकी ट्रक ढुलाई

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गगरेट में ट्रक यूनियन के विवाद के कारण एकत्रित हुए चालक। - फोटो : Una
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गगरेट (ऊना)। क्षेत्र में गगरेट और अंब की ट्रक यूनियन का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को अंब यूनियन ने गगरेट में ल्यूमिनस उद्योग के दो प्लांटों से ढुलाई का काम रोक दिया। इससे पहले अंब ट्रक यूनियन ने भंजाल में विवाद किया था और उस क्षेत्र पर हक जमाया था।
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दरअसल साल 2009 में गगरेट और अंब मात्र दो ट्रक यूनियन थी। दोनों ने स्वां नदी को सीमा रेखा मानकर अपने-अपने कार्य क्षेत्र को विभाजित किया था। बाद में जीतपुर बेहड़ी में उद्योगों का विस्तार हुआ। भंजाल में 2016 में एक ट्रक यूनियन का निर्माण किया गया। अंब यूनियन के पास 750 तो गगरेट के पास लगभग 1200 और भंजाल यूनियन के पास लगभग 85 ट्रक हैं। अब इन तीनों में क्षेत्र को लेकर विवाद है।
भंजाल यूनियन अपना क्षेत्र जीतपुर बेहड़ी को मानती है, जबकि अंब यूनियन भी इस पर अपना दावा ठोक रही है। अंब और भंजाल में सहमति न होने पर अब अंब यूनियन ने गगरेट में पुराना हिस्सा मांगा है, लेकिन अंब यूनियन के 2009 के सहमति पत्र पर भी विवाद है। ये तीनों यूनियन सहकारिता विभाग के पास एक सहकारी सभा के रूप में रजिस्टर है। ऐसे में इनका ऑपरेशनल एरिया वही माना जाएगा जो कि राजस्व विभाग में दर्ज है।
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भंजाल यूनियन के अध्यक्ष मनजीत पटियाल ने कहा कि जीतपुर बेहड़ी पर हमारा हक है। भंजाल यूनियन के पास अपने ट्रक हैं और सहकारिता विभाग में रजिस्टर है। वहीं गगरेट ट्रक यूनियन के अध्यक्ष सतीश गोगी ने कहा कि लिखित समझौता 2009 में हुआ होगा, लेकिन हम अपने सदस्यों से इस विषय में बैठक करके फैसला लेंगे। अंब यूनियन के अध्यक्ष रजनीश कुमार विक्का ने कहा कि हमारे साथ 2009 में समझौता हुआ है। हम उसी हक से अपने ट्रकों के माल भाड़ा मांग रहे हैं।
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