गगरेट (ऊना)। गगरेट क्षेत्र में सामने आए एक विवाद ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया। जब संघनेई निवासी एक युवक ने पंजाब वन विभाग के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में युवक ने अपने साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। वहीं वन विभाग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पूरे मामले को विभागीय कार्रवाई से जोड़कर देखा है। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार युवक का कहना है कि बुधवार सुबह उसके साथ ऐसी घटना घटी, जिसके बाद उसे सीधे पुलिस की शरण लेनी पड़ी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों द्वारा उसे चौहाल स्थित वन विभाग के विश्राम गृह ले जाया गया जहां उसके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई। युवक ने मामले की शिकायत गगरेट थाना में दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने शिकायतकर्ता का मेडिकल परीक्षण करवाया है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले से जुड़े सभी पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
पंजाब वन विभाग ने युवक के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उसी दिन खैर की लकड़ी से जुड़े एक संदिग्ध वाहन के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और प्रारंभिक जानकारी में शिकायतकर्ता का नाम भी उस मामले से जुड़ा सामने आया है। विभाग का मानना है कि उनके अधिकारियों पर लगाए गए आरोप वास्तविक परिस्थितियों से मेल नहीं खाते। घटना के बाद क्षेत्र में भी मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। एक पक्ष खुद को पीड़ित बता रहा है तो दूसरा पक्ष आरोपों को आधारहीन करार दे रहा है। ऐसे में अब पूरे मामले की दिशा पुलिस जांच पर निर्भर करेगी।
डीएसपी अंब अनिल पटियाल ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई है। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के साथ-साथ दोनों पक्षों के बयानों की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।