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बिजाई के कुछ दिन बाद सुंडी की चपेट में आई मक्की की फसल

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ंब क्षेत्र में मक्की की फसल को लगा कीड़ा। संवाद - फोटो : Una
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संवाद न्यूज एजेंसी
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अंब (ऊना)। क्षेत्र में मक्की की फसल निकलने के साथ ही सुंडी (फॉल आर्मी वर्म) की चपेट में आ गई है। इस कारण किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। मक्की उपमंडल अंब क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण फसल है। विशेष रूप से असिंचित क्षेत्र के किसान गेंहू के बजाय इस फसल पर ज्यादा निर्भर करते हैं, लेकिन फसल बीजते ही उन्हें हमेशा किसी न किसी मुसीबत का सामना करना पड़ता है।
बंदर, लावारिस पशुओं, जंगली जानवरों से सुरक्षा के बंदोबस्त करने पड़ते हैं। साथ ही बरसात का पर्याप्त मात्रा में होना भी इसके लिए एक महत्वपूर्ण पहलू है। पिछले दो से तीन वर्ष से किसानों को सुंडी के रूप में एक नई समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में बरसात होते ही सही मौसम का इंतजार कर रहे किसानों ने मक्की की फसल बीजनी शुरू कर दी है।
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कई जगहों पर किसानों ने फसल की पहली गुड़ाई भी कर दी है। कई जगहों पर किसान फसल बीज रहे हैं। जिन किसानों ने फसल बीज ली है, उन्हें अब फसल पर सुंडी का हमला झेलना पड़ रहा है। इस कारण मक्की के छोटे-छोटे पौधों को सुंडी भारी नुकसान पहुंचा रही है। क्षेत्र के तहत ग्राम पंचायत बैरियां के कृष्णानगर गांव में किसानों की फसल पूरी तरह से इस कीड़े की चपेट में आ गई है। किसानों को इससे निपटने का रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है।
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स्थानीय किसानों में रवि राणा, सुरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, विधि सिंह, रंजीत सिंह, राकेश कुमार ने बताया कि अभी फसल बिजाई को लगभग 15 दिन ही बीते हैं। फसल के शुरुआती दौर में ही इस पर सुंडी के प्रकोप के कारण नुकसान हो रहा है। कहा कि सुंडी फसल के पत्ते चट कर जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस सुंडी से बचाव के लिए किसानों को उपयुक्त कीटनाशक दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएं।
विभाग प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का आकलन करेगा। सुंडी से मक्की की फसल के बचाव के लिए किसानों को कीटनाशक दवा कोराजिन उपलब्ध करवाई जा रही है।
-कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, कृषि विभाग।
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