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सनोली समेत पांच गांवों से मृदा परीक्षण के लिए उठाए 50 सैंपल

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सनोली सहित पांच गांवों में मिट्टी जांच सैंपल लेते हुए। संवाद - फोटो : Una
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संतोषगढ़ (ऊना)। संतोषगढ़ नगर परिषद से सटे गांवों सनोली, मजारा, मलूकपुर, पूना-बीनेवाल पंचायतों में केमिकल वाले पानी से खराब हो रहे खेतों को बचाने की मुहिम कृषि विभाग ने शुरू कर दी है। वीरवार को इन गांवों में कृषि विभाग की टीम ने पहुंच कर मृदा परीक्षण का काम शुरू कर दिया है। प्रदेश वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने भी इन गांवों में पहुंच कर खराब हो रही खेती योग्य भूमि को बचाने के लिए कृषि विभाग के विशेषज्ञों को निर्देश जारी किए।
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सैंपल लेने वाली टीम में कृषि विभाग ऊना खंड के विशेषज्ञों डॉ. संजीव कुमार, एडीओ बलदेव शर्मा, राजाराम व सुनीता शर्मा ने इन पांचों गांवों के खेतों में मिट्टी परीक्षण के लगभग 50 सैंपल जांचे है। विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि भरे गए सैंपल का परिणाम 15 दिन बाद आ जाएगा। उन्होंने बताया कि मिट्टी में नमी होने के कारण रिपोर्ट में दो सप्ताह का समय लग सकता है।
उधर, इन गांवों के ग्रामीणों में अजय कुमार, गुरमिंदर, चनन सिंह, संतोख सिंह, गुरबचन सिंह, अमरजीत सिंह, सुरिंद्र सिंह, तरसेम सिंह, नरिंद्र सिंह, जसवीर सिंह, जसवंत सिंह, उर्मिला, पुष्पा देवी, परमिंद्र सिंह, हरविंद्र सिंह, भूपिंद्र सिंह, सोमनाथ, बलदेव सिंह, कुलदीप सिंह, शीतल सिंह, राम आसरा आदि का आरोप है कि पंजाब बॉर्डर पर स्थित पीएसीएल केमिकल की फैक्ट्री से रसायन युक्त पानी छोड़ा जा रहा है। दूषित पानी से उनके खेतों की फसलें खराब हो रही हैं। कंपनी अपशिष्ट पानी को बिना ट्रीट किए ही छोड़ रही है, जिससे समस्या खड़ी हो गई है। इसके कारण इन पांचों गांवों के किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन कृषि व सिंचाई योग्य पानी से वंचित हो रही है।
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