चिंतपूर्णी (ऊना)। प्रदेश में शक्तिपीठों के कपाट खुलने पर चिंतपूर्णी मंदिर में करीब 4600 श्रद्धालुओं ने मईया के चरणों में शीश नवाया। दिनभर मंदिर परिसर में माता के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं के लिए वीरवार सुबह आठ बजे मां चिंतपूर्णी दरबार के कपाट खोल दिए गए।
सवा दो महीनों के अंतराल पर मंदिर के कपाट खुलने पर श्रद्धालुओं ने सुबह ही माता के दरबार में हाजिरी भरनी शुरू कर दी। इसमें ज्यादातर श्रद्धालु पंजाब के थे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लाइनों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होते हुए नहीं दिखा। श्रद्धालुओं का कहना है कि सवा दो महीनों बाद मंदिर के कपाट खुले हैं। यह दिन उनके लिए विशेष है क्योंकि उन्हें माता के दर्शन का सौभाग्य मिला। पंजाब के दसूहा के हनी का कहना है कि उन्हें जैसे ही पता चला कि एक जुलाई से मंदिर के कपाट खुलने जा रहे हैं माता की कृपा से तुरंत दर्शनों के लिए प्रोग्राम बन गया। दर्शन पर्ची प्राप्त हुई तो मन में मां के दर्शन करने को लेकर उत्सुकता और भी बढ़ गई। दरबार में पावन पिंडी के दर्शन कर मन को बहुत सुकून मिला।
पंजाब के जलालाबाद के रवि का कहना है कि माता के दर्शन करने के लिए मन बहुत आतुर था। अब दर्शन कर दिल संतुष्ट हो गया है। धार्मिक पर्यटन खुल जाने से बाजार में एक बार फिर से रौनक लौट आई है। माता के दर्शनों के लिए आ रहे श्रद्धालुओं से बाजार में चहल-पहल नजर आई। दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को थर्मल स्क्रीनिंग करके मंदिर प्रशासन ने दर्शन पर्ची दी।
मंदिर अधिकारी अभिषेक भास्कर का कहना है कि सुबह आठ बजे मंदिर के कपाट खोल दिए गए हैं। श्रद्धालुओं में माता के दर्शनों के लिए काफी उत्साह है। वीरवार को 4600 श्रद्धालुओं ने माता चिंतपूर्णी के दरबार में शीश नवाया।