मौसम विभाग ने लू से बचने के दिए निर्देश
गर्मी के टूटे सभी रिकाॅर्ड, अभी बारिश के नहीं आसार
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। गर्मी ने इस सीजन में मौसम विभाग के इतिहास के सारे रिकाॅर्ड तोड़ दिए हैं। 29 मई के दिन जिले के इतिहास में पहली बार सबसे गर्म दिन के रूप में रिकाॅर्ड हुआ। बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस प्रचंड गर्मी से लोगों को कोई राहत नहीं मिल पा रही है। आगामी दिनों में अगर बारिश नहीं होती है, तो लोगों को इस प्रचंड गर्मी से राहत मिलना मुश्किल है।
बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान सभी रिकाॅर्ड तोड़ चुका है। बता दें कि जिले में वर्ष 1982 में मौसम विभाग की तरफ से तापमान को मापने के लिए यंत्र स्थापित किया गया था, तब से लेकर जिले में तापमान को मापने का सिलसिला शुरू हुआ। लेकिन इस साल पड़ रही भीषण गर्मी ने सभी पिछले 42 सालाें के रिकाॅर्ड तोड़ दिए हैं। आलम यह है कि मकानों छत, दीवारों से लेकर सड़कें भी अब आग उगल रही हैं। सूर्यदेव के प्रचंड तपिश से सड़कों पर लगी तारकोल और स्पीड ब्रेकर के लिए लगाई गई पीली पट्टी का पेंट भी पिघलना शुरू हो गया है। दिन में बढ़ी गर्मी के बीच लू के थपेड़ों से लोग परेशान हैं। अधिकांश लोग सड़क पर दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 05 बजे तक निकलने से परहेज कर रहे हैं। ऊपर से बारिश की कोई संभावना अभी नहीं है।
गरमाहट भरे मौसम में यहां लोग पेय पदार्थों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। दूसरी ओर स्वास्थ्य पर भी गर्मी का विपरीत असर देखने को मिल रहा है। विशेषकर बच्चों, व्यस्कों व बुजुर्गों के लिए लू बीमारियों का कारण बन रही है। स्वास्थ्य विभाग पहले ही गर्मी के बीच लू से बचाव के लिए दिशा निर्देश जारी कर चुका है। दूसरी तरफ प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों 31 मई तक छुट्टियां करने के निर्देश मंगलवार को ही जारी कर दिए थे। स्वास्थ्य विभाग लोगों को स्वच्छ पेय पदार्थों सहित खानपान के लिए आगाह कर चुका है।
वहीं, मौसम समन्वयक विनोद कुमार ने बताया कि 29 मई को जिले में गर्मी ने अब तक के सभी रिकाॅर्ड तोड़ दिए हैं। बुधवार को जिले में पहली बार 46 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं, मंगलवार रात का न्यूनतम 20.6 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया है। जिले में बारिश की अभी कोई संभावना नहीं है।
प्रचंड गर्मी से फसल पर पड़ रही मार
बढ़ी गर्मी के बीच किसानों की खेतीबाड़ी पर इसका बुरा असर देखने को मिल रहा है। सूर्य की तपिश में यहां राहत की बारिश न होने से किसानों को खेतों में अपने स्तर पर बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है। वहीं, खेतों में मक्का, हरी सब्जियों की सिंचाई के लिए किसान खेतों का रुख कर रहे हैं। किसानों में प्रवीण कुमार, रमेश चंद, अनिल कुमार, रोहन शर्मा ने बताया कि प्रचंड गर्मी से हरी सब्जियां मुरझाने लगी हैं।