चिंतपूर्णी के समीप धर्मसाल महंता के जंगल में लगी आग । संवाद
आसपास चार-पांच गांवों में पिछले 20 घंटे से बिजली गुल
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी(ऊना)। क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन गांव के जंगली क्षेत्र पिछले कुछ दिनों से आग की चपेट में आए हैं। इससे जहां वन संपदा को नुकसान हुआ है। वहीं, असंख्य जीव-जंतु भी काल का ग्रास बन गए। मंगलवार को धर्मसाल महंता, बधमाणा, नारी और आसपास के क्षेत्र में भयंकर आग ने करोड़ों रुपये की वन संपदा जलकर राख हो गई। मंगलवार शाम से लगी भयंकर आग से धर्मसाल महंता में बीती रात देर शाम आग से बिजली की तारें भी जल गई हैं। इससे धर्मसाल महंता के आसपास चार-पांच गांवों में पिछले 20 घंटे तक बिजली नहीं है। हालांकि बिजली बोर्ड के कर्मचारी बिजली सप्लाई बहाल करने के लिए सुबह 6:00 बजे से ही जुटे हुए हैं।
दूसरी तरफ स्थानीय लोग गत दिवस देर शाम से ही जंगलों में लगी आग बुझाने के लिए सहयोग कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में कई जगहों पर अग्निशमन वाहन न पहुंचने के कारण लोगों को आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बुधवार को भी पूरा दिन धर्मसाल महंता आसपास के क्षेत्र के लोग आग बुझाने में लगे रहे। लोगों ने कड़ी में मशक्कत के बाद रिहायशी मकानों को बचाने में अपना पूरा योगदान दिया। स्थानीय लोगों सुनील कुमार, अभिलाष, कुलदीप, ओम प्रकाश, बीडीसी सदस्य ज्योति, निर्मला, प्रधान ज्वाल जोगिंद्र सिंह ने बताया कि अधिकतर मामलों में लोग घासनियां जलाने के लिए आग लगाते हैं। जंगलों में लगी आग का धुआं उपमंडल घनारी के गांवों पिरथीपुर, डंगोह, भद्रकाली, ब्रह्मपुर और आसपास के गांवों तक भी पहुंचकर वातावरण प्रदूषित कर रहा है।
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