आईएसबीटी ऊना में खड़ी जेएनएनयूआरएम बस। संवाद
ऊना। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के ऊना डिपो की 40 जेएनएनयूआरएम (जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन) बसें अब जीरो बुक वैल्यू पर पहुंच गई हैं। यानी निगम के लेखा रिकॉर्ड में इन बसों ने अपनी पूरी लागत वसूल कर ली है। हालांकि, इससे इनके संचालन पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा। नियमित फिटनेस जांच में पास होने पर ये बसें अगले पांच वर्षों तक यात्रियों की सेवा करती रहेंगी। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत इन्हें कंडम घोषित कर नीलामी की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, जीरो बुक वैल्यू होने का अर्थ केवल लेखांकन प्रक्रिया से है। एचआरटीसी की अधिकतम बसें 10 वर्ष के बाद जीरो बुक वैल्यू घोषित कर दी जाती हैं। यदि बसें तकनीकी रूप से फिट हैं और उनकी फिटनेस समय-समय पर सफल रहती है तो उन्हें सड़क पर चलाने में कोई बाधा नहीं होती। निगम प्रत्येक बस की नियमित तकनीकी जांच कराता है और मानकों पर खरी उतरने वाली बसों को ही संचालन की अनुमति दी जाती है।
वर्तमान में उच्च न्यायालय की रोक के बाद अंतरराज्यीय रूटों पर चलने वाली जेएनएनयूआरएम की 15 बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं। इसके अलावा जेएनएनयूआरएम की लंबी बसों को ग्रामीण रूटों पर चलाने में दिक्कत पेश आ रही है। निगम ने वर्कशॉप में खड़ी जेएनएनयूआरएम की बसों को रोटेशन में चलाने की योजना बनाई है।
बसों को केवल जीरो बुक वैल्यू होने के आधार पर सेवा से बाहर नहीं किया जाता। अभी इन बसों को पांच साल तक चलाया जाएगा।
-राजेश जोशी, कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक, एचआटीसी ऊना