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बसाल स्कूल में दो सालों में 174 नए बच्चों ने लिया दाखिला

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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाल का परिसर। संवाद - फोटो : Una
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संवाद न्यूज एजेंसी
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नारी (ऊना)। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के गांव अपर बसाल का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सरकारी व्यवस्था की बदलती तस्वीर का एक बड़ा उदाहरण बन गया है। यहां साल 2020 के बाद से अभी तक 174 विद्यार्थी दाखिला ले चुके हैं। जिला के सरकारी स्कूलों में नए दाखिलों की यह सबसे अधिक संख्या है।
विद्यालय में कक्षा छठी से विज्ञान और गणित विषय अंग्रेजी में पढ़ाया जा रहा है। बसाल गांव के अलावा यहां पर ऊना शहर, झलेड़ा और धुसाड़ा जैसे क्षेत्रों से भी बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल में मार्च 2020 से अब तक छठी में 46, सातवीं में 32, आठवीं में 40, नौवीं में 21, दसवीं में 12, ग्यारहवीं में 13 और बारहवीं में 10 बच्चे दाखिला ले चुके हैं। इस समय यहां छठी से बारहवीं तक कुल 552 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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उधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक जनक सिंह ने बताया कि बसाल स्कूल बेहतर प्रबंधन करके दिखा रहा है। यहां पढ़ने के लिए विद्यार्थी दूसरे इलाकों से भी पहुंच रहे हैं। शिक्षा के स्तर को और ऊंचा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
योग-प्राणायाम भी दिनचर्या में किया शामिल
प्रधानाचार्य कश्मीर सिंह ने बताया कि कक्षा छठी से विज्ञान और गणित विषय को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। साथ ही बच्चों को प्रतिदिन योग, प्राणायाम करवाया जाता है। बच्चों को मानवीय गुणों और पौधे लगाने के बारे में जागरूक करने के लिए अलग से समय दिया जा रहा है। कहा कि सभी अध्यापकों के सहयोग से बच्चों की संख्या बढ़ी है।
बच्चों को मिल रहीं बेहतरीन सुविधाएं : पवन कुमार
स्कूल प्रबंधन कमेटी के प्रधान और अभिभावक पवन कुमार ने बताया कि स्कूल में बच्चों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं। पढ़ाई से लेकर खेल और योग के जरिए बच्चों के व्यक्तित्व को निखारा जा रहा है। कहा कि स्कूल में प्रतिदिन बच्चों को नेक विचार बताए जाते हैं।
शिक्षक कर रहे बेहतर मार्गदर्शन : हिमानी
दसवीं कक्षा की छात्रा हिमानी का कहना है कि वह एक निजी स्कूल में पढ़ाई कर रही थीं। कोरोना काल के बीच उसने बसाल स्कूल में दाखिला लिया। यहां आकर काफी अच्छा महसूस हो रहा है। शिक्षकों और प्रधानाचार्य से बेहतर मार्गदर्शन मिल रहा है।
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रोजाना योग करना लगता है अच्छा: निखिल
आठवीं कक्षा के निखिल का कहना है कि स्कूल में प्रतिदिन सुबह योग करना बेहद अच्छा लगता है। स्कूल परिसर में हरियाली एक अलग माहौल बना देती है। स्कूल आकर पढ़ाई करने में एक अलग ही मजा आता है। इस माहौल में पढ़ना अच्छा लगता है।
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