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Una News: बलिदानी नायब सूबेदार कुलवंत सिंह को सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

Thu, 12 Mar 2026 06:21 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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बलिदान नायब सूबेदार कुलवंत सिंह को श्रद्धांजलि देते सैनिक। स्रोत : डीपीआरओ
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ऊना। हरोली विधानसभा क्षेत्र के जेजों मोड़ गांव के वीर सपूत नायब सूबेदार कुलवंत सिंह को बुधवार को उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 40 वर्षीय नायब सूबेदार कुलवंत सिंह अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना में तैनात थे। सात मार्च को अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरि जिले में हुए सड़क हादसे में नायब सूबेदार कुलवंत सिंह बलिदान हो गए।
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जानकारी के अनुसार मंगलवार को हवाई मार्ग के माध्यम से बलिदानी कुलवंत सिंह का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ लाया गया। इसके बाद बुधवार सुबह करीब नौ बजे चंडीगढ़ से पार्थिव शरीर को जिला के प्रवेश द्वार मैहतपुर लाया गया। वहां से स्थानीय युवाओं ने सैन्य काफिले के साथ बलिदान जवान कुलवंत सिंह अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा, कुलवंत सिंह तेरा नाम रहेगा... के नारे लगाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मैहतपुर से जेजों मोड़ तक करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय कर सुबह 11 बजे कुलवंत सिंह का शव उनके पैतृक गांव जेजों मोड़ पहुंचा। इस दौरान पूरा इलाका चीखो पुकार से गूंज उठा। परिजनों और गांववासियों में वीर बेटा खोने का दर्द साफ झलका। बलिदानी की मां, पत्नी, बेटे और भाई बेहद भावुक नजर आए। सैकड़ों की संख्या में लोग जवान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इसके बाद करीब 12 बजे बलिदान जवान के शव को गांव के श्मशानघाट पहुंचाया गया, जहां उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। बलिदानी जवान की अंतिम यात्रा में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवान कुलवंत सिंह का योगदान सदैव अमर रहेगा। उनका साहस, समर्पण और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ एवं सेना के अधिकारियों ने गांव पहुंचकर बलिदानी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मां ने कहा, मेरे बेटे शाबाश...
बलिदानी जवान की माता मोहिंदर कौर ने अंतिम संस्कार से पहले कहा कि मेरे बेटे शाबाश, जो तूने किया... हर किसी के हिस्से ये नहीं आता लेकिन अच्छा होता अगर मेरा अंतिम संस्कार पहले तेरे हाथों हो जाता। उन्होंने कहा कि मुझे ये अच्छा नहीं लगा कि तुम मुझसे पहले चले गए। मां के इन भावुक शब्दों ने सभी मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
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