सचिव पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सुशील सिंगला ने कहा कि राज्य का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक वर्ष 2016-17 के बाद से 81 से सुधर कर 66 हो गया है। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में परिवेशी वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर परिवहन प्रणाली के लिए ई-वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। गुरुवार को राज्य सचिवालय शिमला में पत्रकार वार्ता में सिंगला ने कहा कि ठोस अपशिष्ट, ई-कचरा, बायो-मेडिकल कचरा, खतरनाक कचरा, निर्माण एवं विध्वंस कचरा आदि जैसे अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्रों में सर्कुलर इकोनॉमी के उद्देश्यों को बढ़ावा देने की जरूरत है, जिससे कचरे से संसाधनों को दोबारा प्राप्त किया जा सके और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम से कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियों के साथ कई बैठकें की गई हैं और रिसाइकलर्स से लेकर कचरा बीनने वालों तक सभी हितधारकों को एक मंच पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे न केवल कचरा बीनने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि पुनर्चक्रण योग्य प्लास्टिक कचरे की चोरी पर भी रोक लगेगी और अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से इसका वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित होगा।