हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के तीसा, बकाणी सहित अन्य कई विकास खंडों में मनरेगा के तहत पूर्व में किसानों को वितरित किए गए स्टोन फ्रूट के पौधों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं। राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रारंभिक स्तर पर सामने आया है कि कई स्थानों पर बागवानी विभाग के विशेषज्ञों से गुणवत्ता का सत्यापन कराए बिना ही पौधों का वितरण कर दिया गया। अधिकारियों ने बगैर प्रमाणित नर्सरी से उठाकर इन पौधों को लोगों में बांट दिया। कई पौधे बिना जड़ों के पाए गए। वहीं बड़ी संख्या में सूखे, सड़े-गले और खराब गुणवत्ता वाले पौधे भी लाभार्थियों को आवंटित किए गए। इस पूरे मामले में संबंधित विकास खंड अधिकारियों (बीडीओ) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
मामले की जांच चल रही है। बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। - सी पालरासु, सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग