यूजीसी ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रो. राज कुमार मित्तल को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। समिति के अन्य सदस्यों में यूजीसी की पूर्व सदस्य प्रो. सुषमा यादव, गुजरात विश्वविद्यालय अहमदाबाद की कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता तथा पुदुचेरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी. प्रकाश बाबू शामिल हैं। वहीं, यूजीसी की संयुक्त सचिव डॉ. सुनीता सिवाच समन्वय अधिकारी की भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग की ओर से गठित उच्च स्तरीय जांच समिति धर्मशाला कॉलेज का दो दिवसीय दौरा पूरा कर लौट गई है।
समिति ने पहले दिन कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया और प्राचार्य सहित विभिन्न विभागों के शिक्षकों व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। समिति यह भी परख रही है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्राओं की सुरक्षा, रैगिंग रोकथाम तथा यौन उत्पीड़न से जुड़े यूजीसी नियमों का किस हद तक पालन किया गया। समिति तीन दिन तक कॉलेज में रहकर छात्राओं, शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से बातचीत करेगी।
इसके साथ ही रैगिंग निरोधक तंत्र, आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी), छात्र सहायता प्रणाली और सुरक्षा उपायों की वास्तविक स्थिति का मौके पर मूल्यांकन किया जाएगा। यूजीसी ने समिति को निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी कर सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिशें आयोग को सौंपी जाएं, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। जांच को लेकर कॉलेज परिसर में हलचल बनी हुई है। छात्र-छात्राओं को उम्मीद है कि पीड़िता को न्याय मिलेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। वहीं स्वयं को निर्दोष बताने वाले लोगों को भी निष्पक्ष जांच से न्याय की आशा है।
धर्मशाला काॅलेज छात्रा मामले की जांच जारी है। मृतक छात्रा के पिता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए गए हैं। आरोपी छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है। उच्चाधिकारियों से बातचीत कर जल्द ही मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा, ताकि मौत के कारणों का पता चल सके। -अशोक रतन, पुलिस अधीक्षक कांगड़ा।