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छात्रा मौत मामला: धर्मशाला कॉलेज पहुंची यूजीसी की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी, प्राचार्य और शिक्षकों के बयान दर्ज

Wed, 07 Jan 2026 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।

सार

Dharamshala Student Death Case: धर्मशाला कॉलेज की छात्रा मौत मामले में यूजीसी की ओर से गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी मंगलवार को कॉलेज परिसर पहुंची। जहां समिति ने पहले दिन कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया और प्राचार्य सहित विभिन्न विभागों के शिक्षकों व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। पढ़ें पूरी खबर...
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धर्मशाला कॉलेज में छात्रा की मौत मामले की जांच के लिए पहुंचते हुए यूजीसी की टीम। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की छात्रा की मौत और उससे जुड़े रैगिंग और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों की जांच के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी मंगलवार को कॉलेज परिसर पहुंची। यह पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति मृतक छात्रा से संबंधित घटनाक्रम के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

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यूजीसी ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रो. राज कुमार मित्तल को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। समिति के अन्य सदस्यों में यूजीसी की पूर्व सदस्य प्रो. सुषमा यादव, गुजरात विश्वविद्यालय अहमदाबाद की कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता तथा पुदुचेरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी. प्रकाश बाबू शामिल हैं। वहीं, यूजीसी की संयुक्त सचिव डॉ. सुनीता सिवाच समन्वय अधिकारी की भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग की ओर से गठित उच्च स्तरीय जांच समिति धर्मशाला कॉलेज का दो दिवसीय दौरा पूरा कर लौट गई है।

समिति ने पहले दिन कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया और प्राचार्य सहित विभिन्न विभागों के शिक्षकों व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। समिति यह भी परख रही है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्राओं की सुरक्षा, रैगिंग रोकथाम तथा यौन उत्पीड़न से जुड़े यूजीसी नियमों का किस हद तक पालन किया गया। समिति तीन दिन तक कॉलेज में रहकर छात्राओं, शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से बातचीत करेगी।

इसके साथ ही रैगिंग निरोधक तंत्र, आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी), छात्र सहायता प्रणाली और सुरक्षा उपायों की वास्तविक स्थिति का मौके पर मूल्यांकन किया जाएगा। यूजीसी ने समिति को निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी कर सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिशें आयोग को सौंपी जाएं, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। जांच को लेकर कॉलेज परिसर में हलचल बनी हुई है। छात्र-छात्राओं को उम्मीद है कि पीड़िता को न्याय मिलेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। वहीं स्वयं को निर्दोष बताने वाले लोगों को भी निष्पक्ष जांच से न्याय की आशा है।

तय समय से सवा दो घंटे देरी से पहुंची कमेटी
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी मंगलवार को निर्धारित समय दोपहर दो बजे के बजाय सायं सवा चार बजे कॉलेज परिसर पहुंची। देरी के कारण कॉलेज स्टाफ को देर शाम तक परिसर में रुकना पड़ा। इस दौरान विशेष रूप से महिला कर्मचारियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

मृतक छात्रा के पिता के न्यायालय में बयान दर्ज
मृतक छात्रा के पिता के बयान धर्मशाला में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी वरुण शर्मा के समक्ष दर्ज किए गए। यह बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज हुए, जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि बयान स्वेच्छा से दिया गया हो और बाद में बदला न जा सके।

अब मेडिकल बोर्ड का होगा गठन
मौत से पहले छात्रा का जिन आठ अलग-अलग अस्पतालों में इलाज हुआ था, वहां से उसका पूरा मेडिकल रिकॉर्ड पुलिस टीमों द्वारा एकत्र कर लिया गया है। अब प्रदेश सरकार और डीजीपी कार्यालय से समन्वय कर मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिससे मेडिकल रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण कर मौत के कारणों की तह तक पहुंचा जा सके।
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धर्मशाला काॅलेज छात्रा मामले की जांच जारी है। मृतक छात्रा के पिता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए गए हैं। आरोपी छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है। उच्चाधिकारियों से बातचीत कर जल्द ही मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा, ताकि मौत के कारणों का पता चल सके। -अशोक रतन, पुलिस अधीक्षक कांगड़ा।
 
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