इसके अलावा संबंधित बीएमओ को भी उनके क्षेत्राधिकार में आने वाले मेडिकल संस्थानों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में होने वाली घटनाओं के संबंध में शिकायत दर्ज कराने का अधिकार दिया गया है। सरकार का यह फैसला स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में हिंसा, अभद्र व्यवहार या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि आए दिनों डाक्टरों के साथ अस्पातलों में मारपीट की घटनाएं होती रहती है। इसके चलते यह फैसला लिया है।