प्रदेश सरकार के नशा विरोधी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से हिमाचल पुलिस, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), जिला पुलिस और औषधि नियंत्रण प्रशासन ने संयुक्त रूप से राज्यभर में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस विशेष अभियान में प्रदेशभर के 482 केमिस्ट एवं मेडिकल स्टोर, 22 दवा थोक विक्रेताओं और 7 मेडिकल प्रैक्टिशनर्स का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान ड्रग्स व कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत 13 नोटिस जारी किए गए।
इसके अलावा बिना वैध लाइसेंस संचालित दो चिकित्सकीय प्रैक्टिस क्लीनिकों के विरुद्ध भी संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई अमल में लाई गई। निरीक्षण के दौरान जिन दवा विक्रेताओं के यहां अनियमितताएं पाई गईं, उनके खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। वहीं अन्य निरीक्षित प्रतिष्ठानों को भविष्य में किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री, दवाओं के दुरुपयोग अथवा नियमों के उल्लंघन से बचने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और चेतावनी भी जारी की गई।
मुख्यमंत्री द्वारा 15 नवंबर 2025 को शुरू किए गए राज्यव्यापी एंटी-ड्रग अभियान चिट्टा मुक्त हिमाचल के तहत यह कार्रवाई अभियान के दूसरे चरण (भाग-1) के अंतर्गत 30 जून 2026 को प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ की गई। अभियान के दौरान केमिस्ट एवं मेडिकल स्टोर, दवा थोक विक्रेताओं (होलसेलर्स) और मेडिकल प्रैक्टिशनर्स का व्यापक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान एनडीपीएस अधिनियम, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत लाइसेंस, खरीद-बिक्री अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर, चिकित्सकीय पर्चियां, बिलिंग, डिजिटल लेन-देन, दवाओं के भंडारण, बिक्री और वितरण प्रक्रिया की गहन जांच की गई।