संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/कंडाघाट/कुनिहार। जिले भर में जिला परिषद कैडर के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से कई पंचायतों समेत अन्य जगहों पर कामकाज प्रभावित हुआ। इसके चलते जिले की 246 पंचायतों में कार्य नहीं हुआ।
कर्मचारियों ने पेन डाउन स्ट्राइक कर खंड विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर रोष जताया। धर्मपुर विकास खंड के 26 पंचायत सचिव, चार कनिष्ठ अभियंता और 11 तकनीकी सहायक हड़ताल पर बैठ गए। इसी तरह विकास खंड कंडाघाट 17 पंचायत सचिव, सात तकनीकी सहायक, दो कनिष्ठ अभियंता हड़ताल पर चले गए। विकास खंड कुनिहार में 56 पंचायतों के पंचायत सचिवों समेत अन्य कर्मियों ने कार्य नहीं किया।
जिला परिषद कैडर के कर्मचारी और अधिकारी सरकार से ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग में विलय करने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर जिला परिषद कैडर महासंघ के कर्मचारियों ने सरकार को 25 जून तक का समय दिया था। इसके बाद उन्होंने हड़ताल करने की बात कही थी। मांग पूरी न होने पर कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए हैं।
कनिष्ठ अभियंता 50 ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिव, सभी 56 पंचायतों में कार्यरत तकनीकी सहायक सरकार के दिए आश्वासन के अनुरूप सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का विभाग में विलय न किए जाने के विरोध स्वरूप अनिश्चितकालीन कलम छोड़ो हड़ताल पर बैठ गए हैं।
हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक सरकार सभी जिला परिषद अधिकारियों और कर्मचारियों का विभाग में विलय करने की अधिसूचना जारी नहीं करती। इस कारण पंचायतों कई प्रकार के दस्तावेज बनाने आ रहे लोगों को दिक्कतें आ रही है।
महासंघ के महासचिव धर्मेंद्र वर्मा ने कहा कि विकास खंड के कनिष्ठ अभियंता, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, जिला परिषद के तहत कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मी 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं लेकिन सरकार कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी नहीं मानती है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को कई वर्षों से सरकार के समक्ष उठाया जा चुका है।
नालागढ़ के 84 कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। इससे सोमवार को कामकाज ठप रहा। नालागढ़ के बीडीओ कार्यालय परिसर में इकाई के अध्यक्ष ओमप्रकाश एनडी शर्मा, कपिल देव, सुरजीत कुमार समेत कई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारी संघ के नालागढ़ इकाई के अध्यक्ष ओमप्रकाश ने कहा कि सरकार उनकी मांग की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही जिससे उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा। जब तक इनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, आंदोलन जारी रहेगा।