एक्साइज डिपार्टमेंट ने बीबीएन के शराब ठेकों को नीलाम करने के बाद बुधवार को इन्हें खोलना शुरू कर दिया है। लेकिन इनके खुलते ही विरोध भी शुरू हो गए हैं। मंगलवार शाम को रामशहर में ठेका खुलने की बात से जहां लोग गुस्सा हैं वहीं पार्षद भी लोगों के साथ खड़े हैं। नालागढ़-रामशहर मार्ग पर वन विभाग कार्यालय के पास शराब ठेका खोलने के खिलाफ पार्षदों और लोगों ने मोर्चा खोल दिया।
पार्षदों ने भी इस आंदोलन में बढ़चढ़ कर भाग लिया। लोगों का कहना है कि यह शराब ठेका शैक्षणिक संस्थानों और मंदिरों के पास खुला है। इससे युवा पीढ़ी में गलत संदेश जाएगा। शराब के नशे में यहां शोर शराबा होने से माहौल भी खराब होगा। पार्षदों सहित शहरवासियों और आसपास के गांवों के लोगों ने उपमंडल प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इसे तुरंत बंद करने की गुहार लगाई है।
साथ ही दो टुक कहा है कि यदि यह शराब ठेका बंद नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता तक अख्तियार करना पड़ेगा। लोगों और पार्षदों को जब ठेका खुलने का पता चला तो वह शीतला माता चौक के पास एकत्रित हुए। इस दौरान नगर परिषद उपाध्यक्ष सरोज शर्मा, पार्षद मनोज वर्मा, पवन कुमार, अल्का वर्मा, नीरू शर्मा, महेश गौतम, धर्मेंद्र राणा, मनोनीत पार्षद बाबू संसारी व अमित जैन, पूर्व नप उपाध्यक्ष सुभाष बल्ली, पूर्व पार्षद रविंद्र सांख्यान, सुषमा, तब्बसुम, शीतला माता मंदिर के सेवादार गंगादास और कुलवंत सिंह एसडीएम कार्यालय पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
नप उपाध्यक्ष सरोज शर्मा, पार्षद मनोज वर्मा, अल्का वर्मा और पूर्व पार्षद रविंद्र सांख्यान ने कहा कि इस शराब के ठेके के साथ ही दो स्कूलों की दीवारें साथ लगती हैं। यहां ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर, शिव मंदिर सहित वन विभाग परिसर में वन विहार भी है।
उन्होंने कहा कि यदि यह शराब ठेका बंद नहीं किया गया तो मजबूरन लोग धरना प्रदर्शन व आंदोलन करने को उतारू हो जाएंगे। एसडीएम नालागढ़ आशुतोष गर्ग ने कहा कि इस मामले पर गहनता से विचार किया जा रहा है। नियमों को नजर में रखते हुए कार्रवाई होगी। आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों को उन्होंने अपने कार्यालय में इस मुद्दे को लेकर बुलाया है, जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा।