सोलन। शहर के लोगों को बरसात के मौसम में पेयजल किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा। जल शक्ति विभाग ने गाद आने पर पानी की लिफ्टिंग रुकने का समाधान कर दिया है। गिरि पेयजल योजना में 16 करोड़ की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। शहर के साथ लगती कई पंचायतों को भी योजना से पानी दिया जाएगा।
इस पूरे प्रोजेक्ट में वाटर टैंक भी बनाए जाएंगे। लोगों को किसी भी मौसम में पानी की किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी। दावा है कि प्लांट का निर्माण 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। वर्तमान में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट समेत अन्य 95 फीसदी निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
गिरि पेयजल योजना से सोलन, बसाल, कथेड़, कुमारहट्टी, धर्मपुर समेत अन्य क्षेत्रों के हजारों लोगों की प्यास बुझती है। वर्तमान में योजना से रोजाना पानी की लिफ्टिंग की जाती है। वर्तमान में रोजाना यहां से आठ से नौ मिलियन लीटर पानी लिफ्ट किया जा रहा है लेकिन गर्मियों में पानी की किल्लत से परेशान होना पड़ता है।
बरसात में गिरि पेयजल योजना में गाद की समस्या आती है। इसके चलते कई बार पानी की लिफ्टिंग रुक जाती है। अब गिरि योजना में आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। इससे लोगों को गर्मियों और बरसात के मौसम में परेशानी नहीं होगी। (संवाद)
प्लांट से होगा पानी का शुद्धीकरण
खास बात यह है कि प्लांट से ही पानी का शुद्धीकरण होगा। बरसात के मौसम में पानी में सिल्ट आने के कारण सप्लाई प्रभावित न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा है। इस प्रोजेक्ट में आरसीसी चैंबर में ट्यूब सेंटर लगाया गया है। इस सेंटर में पानी को फिल्टर किया जाएगा। इससे पानी में आने वाली सिल्ट अलग होगी और साफ पानी टैंक में चला जाएगा। इस प्लांट के साथ भंडारण टैंक भी बनाया गया है।
अतिरिक्त पानी भी मिलेगा
इससे रोजाना गिरि पेयजल योजना से 7.50 मिलियन लीटर (एमएलडी) अतिरिक्त पानी लिफ्ट होगा। यहां से 15 एमएलडी पानी आ रहा है। इससे बरसात या किसी भी मौसम में लोगों को पानी की टेंशन नहीं होगी। टैंक को आधुनिक तकनीक से बनाया जा रहा है।
जुलाई 2021 में शुरू हुआ था कार्य
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण कार्य जुलाई 2021 में शुरू किया था। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, चैंबर, टैंक, पीओ वाटर टैंक सहित अन्य कार्य किया गया। वर्तमान में क्लीयर वाटर डोम का निर्माण चला हुआ है। यह कार्य आगामी पांच दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद प्लांट में टेस्टिंग कार्य शुरू किया जाएगा।
दो परकोलेशन वाल्व भी किए तैयार
जल शक्ति विभाग ने प्लांट में दो परकोलेशन वाल्व (कुएं) भी तैयार किए हैं। इन वाल्व को अंडरग्राउंड वाटर के लिए तैयार किया है। इसी के साथ डी-सिल्टिंग चैंबर तैयार किया है। कुएं से रॉ-वाटर को उठाकर डी-सिल्टिंग चैंबर में डाला जाता है। यहां पर सिल्ट अलग की जाती है। इससे साफ वाटर अन्य टैंक में डालकर फिल्टर किया जाता है।
मार्च में पूरा होगा प्रोजेक्ट का कार्य : रवि शर्मा
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता रविकांत शर्मा ने बताया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य 31 मार्च माह तक पूरा हो जाएगा। प्लांट बनने के बाद बरसात में सिल्ट की समस्या खत्म हो जाएगी। साथ ही टैंक से अतिरिक्त पानी लिफ्ट होगा। इससे पेयजल किल्लत भी खत्म होगी। रोजाना 7.50 एमएलडी पानी लिफ्ट होगा। सोलन शहर ही नहीं बल्कि धर्मपुर, कुमारहट्टी को भी फायदा मिलेगा।