गर्मियां बढ़ने के साथ जिला सोलन में पेयजल संकट भी बढ़ने लगा है।
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गर्मियां बढ़ने के साथ जिला सोलन में पेयजल संकट भी बढ़ने लगा है। सोलन शहर में पीलिया का भय है। अश्वनी से पहले ही पानी की लिफ्टिंग पर प्रतिबंध है। अब गिरि से भी पानी की कम मिलने लगा है। औद्योगिक शहर परवाणू और इसके आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी से मुख्य पेयजल स्रोत अश्वनी खड्ड में जलस्तर कम होने से पानी की राशनिंग शुरू हो गई है। यहां अब दूसरे के बजाय चौथे दिन पानी की सप्लाई मिलेगी।
सुबाथू क्षेत्र के रडियाणा और धार में पेयजल सप्लाई बंद है। कसौली में भी पेयजल समस्या गहरा चुकी है। धर्मपुर और टकसाल में पेयजल समस्या को लेकर लोग आईपीएच मंत्री तक से फरियाद लगा चुके हैं। दाड़लाघाट, अर्की, कुनिहार में भी पानी की समस्या गहराने लगी है। लोगों ने जिला प्रशासन से पेयजल किल्लत दूर करने की गुहार लगाई है।
कौशल्या के मायके
में भी पसरी है प्यास
परवाणू के लोगों को तीसरे दिन पानी
कौशल्या नदी का जल स्तर गिरने से दिक्कत
जनता समेत उद्यमियों के लिए परेशानी खड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
परवाणू (सोनल)। गर्मियों का सीजन शुरू होते ही परवाणू में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। अभी गर्मियों की शुरुआत भर है लेकिन अभी से परवाणू को पेयजल मुहैया करवाने वाली एजेंसी हिमुडा ने हाथ खड़े कर दिए हैं। एकमात्र पेयजल स्रोत कौशल्या खड्ड सूखने का तर्क देते हुए पानी की सप्लाई अब तीसरे दिन दी जा रही है।
आम दिनों में हिमुडा 7 से 8 लाख गैलन पानी प्रतिदिन सप्लाई करता है लेकिन गर्मियां आते ही परवाणू नगर की सप्लाई में भी कमी आने लगती है। महज 4 से 5 लाख गैलन पानी ही लोगों को मिल पा रहा है। परवाणू में लगभग 2600 पानी के कनेक्शन हैं। इसमें 2100 घरेलू और 500 व्यावसायिक कनेक्शन हैं। लोगों का कहना है कि सबसे महंगी दरें होने के बावजूद पर्याप्त मात्रा में पेयजल नहीं मिल रहा। हिमुडा के रेट के अनुसार परवाणू में व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र में पानी की दर 92 रुपये प्रति हजार लीटर तथा घरेलू दर 9.80 रुपये प्रति हजार लीटर है। हिमुडा के अधिशासी अभियंता रमेश भाटिया ने बताया की कौशल्या खड्ड में पानी का स्तर कम होने से परवाणू में पेयजल सप्लाई हर तीसरे दिन की जाएगी। बताया की शहर में पानी का दुरुपयोग रोकने के लिए कर्मचारियों को कड़ी करवाई करने के निर्देश दिए हैं और नए कनेक्शन देने पर भी रोक लगा दी गई है।