कस्बे के कुछ सब्जी विक्रेता लोगों से मनमाने रेट वसूल रहे हैं। इससे जहां उपभोक्ताओं को चूना लग रहा है, वहीं प्रशासन का उदासीन रवैया भी लोगों के गले नहीं उतर रहा। यही नहीं प्रशासन द्वारा दिए आदेशों के बावजूद सब्जी विक्रेताओं की दुकानों से रेट लिस्टें तक गायब गई हैं। दूसरी ओर महंगी सब्जी मिलने से लोगों की थाली से सब्जी गायब होने लगी है।
लोगों ने प्रशासन से दुकानदारों पर शिकंजा कस कर रेट लिस्टें लगवाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि दुकानों में रेट लिस्ट न होने से उन्हें सब्जी और फलों के रेट तक मालूम नहीं होते। पिपलुघाट, दाड़लाघाट, चमाकड़ी पुल और भराड़ी घाट में आलू, प्याज, गोभी तथा फलों के दोगुना दाम वसूले जा रहे हैं। गत दिनों ही जिला में हुई बैठक में भी सब्जी विक्रेताओं को रेट लिस्टें लगाने की हिदायतें जारी की है। ऐसा नहीं करने वाले दुकानदारों के साथ सख्ती से निपटने के निर्देश जारी किए हैं।
कसे नकेल
लोगों का कहना है कि फल और सब्जियों के जो रेट सोलन मंडी में हैं उससे दोगुना दाम दाड़लाघाट में वसूले जा रहे हैं। इन कस्बों में अंगूर 120 से150 रुपये किलो, मटर 50 से 60 रुपये फ्रांसबिन 50 से 60 भिंडी 55 से 60 रुपये, खीरा 25 से 30 रुपये, करेला 80 रुपये, आलू 25 से 30 रुपये, प्याज 30 रुपये और टमाटर 70 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को दुकानदारों द्वारा वसूले जा रहे मनमाने दामों पर नकेल कसनी चाहिए।
औचक निरीक्षण करे विभाग
स्थानीय निवासी उमेश, प्रदीप कुमार,राकेश, रंजना, अशोक, मीना, राधा, सुरेंद्र, राम कुमार और सौरभ ने बताया कि सब्जी की दुकानों पर मनमाने रेट वसूले जा रहे हैं। दाम ज्यादा वसूलने का विरोध करने पर दुकानदार महंगाई का रोना रोने लगते हैं। लोगों ने प्रशासन से दुकानदारों पर नकेल कसने की मांग की है।
तो कटेंगे चालान : यादवेंद्र
जिला खाद्य नियंत्रक यादवेंद्र पाल ने कहा कि सब्जी विक्रेताओं द्वारा कस्बे में मनमाने दाम वसूलने की जानकारी नहीं है और अगर ऐसा किया जा रहा है तो बाजार का औचक निरीक्षण करके इन दुकानदारों के चालान काटे जाएंगे।