-प्रस्तावित लीड़-
छह माह तक रोजाना दवा खाने पर मरीजों को देनी होगी पूर्ण जानकारी
स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मरीजों को दवा के साथ ही दिए आशा वर्कर के नंबर
हिमाचल को टीबी मुक्त बनाने के लिए तेजी से किया जा रहा जिले में कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में अब क्षय रोगियों को दवा के सेवन के बाद स्वास्थ्य विभाग को कॉल के माध्यम से बताना पड़ेगा। इसके लिए मरीज को पंजीकृत मोबाइल से कॉल करनी होगी। यह कॉल एक बीप के बाद स्वयं से कट जाएगी। इसके बाद आशा वर्कर और स्वास्थ्य विभाग को यह जानकारी मिल जाएगी कि मरीज ने दवा का सेवन कर लिया है। विभाग ने दवा पर नंबरों को भी अंकित कर दिया है और इसका वितरण भी किया जा चुका है।
वहीं आशा वर्कर को भी प्रशिक्षण के माध्यम से क्षय रोगियों को इस बारे में बताने के लिए निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से ऐसा कदम इसलिए उठाया गया है, ताकि क्षय रोगी समय पर दवा का सेवन कर सके।
वहीं विभाग के पास भी टीबी रोगी की छह माह तक दवा के सेवन करने की सूचना होगी। अभी तक आशा वर्कर स्वयं इस प्रकार की जानकारी मरीज से लेतीं थी, लेकिन अब नई व्यवस्था को लागू किया गया है। अगर किसी रोगी को कोई दिक्कत आती है तो वह आशा वर्कर की सहायता भी ले सकता है, जिससे दूरदराज क्षेत्र के मरीजों को अस्पतालों के धक्के खाने पर भी मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
गौर रहे कि प्रदेश सरकार ने टीबी मुक्त हिमाचल बनाने के लिए 2024 का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। विभाग ने एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया हुआ है। इसके तहत टीबी रोगियों के संपर्क में आए लोगों के भी सैंपल लेकर जांचें जा रहे हैं। इस अभियान में आशा वर्कर समेत अन्य विभागीय कर्मचारी अहम भूमिका निभा रहे हैं और समय-समय पर इन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि जल्द लक्ष्य को प्राप्त किया जाए।
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डॉट और आईसीटी प्रणाली की दी जानकारी
हाल ही में आशा वर्कर को टीबी रोगियों की पहचान और उनके बारे में पता लगाने के लिए ट्रेनिंग दी गई है। इसमें डॉट और आईसीटी प्रणाली के बारे में भी बताया गया है। जैसे ही क्षय रोगी दवा का सेवन करता है तो उसे दिए गए नंबर पर कॉल करनी होगी। कॉल करते ही स्वास्थ्य विभाग को दवा से संबंधित जानकारी मिल जाएगी। जिस दिन यह कॉल नहीं आती है उस दिन आशा वर्कर संबंधित मरीज से दवा के सेवन की सूचना लेती है।
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जिले में आशा वर्कर गांव-गांव में जाकर टीबी मरीजों का पता लगा रही हैं। टीबी मरीजों को कोई दिक्कत न आए इसके लिए आशा वर्कर के नंबर दवा पर अंकित कर दिए गए हैं। दवा के खाने के बाद मरीज को इन नंबर पर कॉल करनी होगी। इससे यह पता चल जाएगा की मरीज ने दवा का सेवन कर लिया है। आशा वर्कर इसके बारे में मरीजों को प्रेरित कर रही हैं।
-डॉ. एके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी स्वास्थ्य