अर्की (संवाद)। विधानसभा क्षेत्र अर्की में स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के लिए उचित परिवहन सुविधा का भारी अभाव है। कई जगह सात किलोमीटर तक लंबा पैदल खतरनाक सफर कर मां के लाडले पहुंच पा रहे हैं। परिवहन विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में कम कमाई का तर्क देकर बसें बंद कर दीं।
हालांकि इसका खामियाजा दूरदराज के गांवों के बच्चों और आमजन पर पड़ रहा है। अर्की क्षेत्र की ग्राम पंचायत रोहांज जलाना में करीब आधा दर्जन गांवों के स्कूली बच्चे और ग्रामीण बस सुविधा के अभाव में पैदल चलने को मजबूर हैं।
कई बार लोग बस सुविधा की मांग कर चुके हैं लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इसे लेकर आगामी दो दिनों में लोगों ने चक्काजाम करने की चेतावनी भी दी है। हैरत की बात तो यह है कि स्कूल की छुट्टी के समय बस सुविधा नहीं है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत रोहांज जलाना के गांव दनेरी, जलाणा, शलाह, गरेढा सहित आसपास क्षेत्र के बच्चे बीते दो वर्षों से सात किलोमीटर का सफर पैदल तय कर स्कूल पहुंच रहे हैं। बच्चों का कहना है कि सात किलोमीटर सफर में करीब आधा किलोमीटर रास्ते में घना जंगल पड़ता है। इसमें तेंदुए समेत अन्य जंगली जानवरों का खतरा रहता है।
कई बार बच्चों को रास्ते में दिखाई दे चुके हैं। डर के साय में यह रास्ता तय करना पड़ता है। रोज किसी न किसी बड़े व्यक्ति को साथ लेकर बच्चों को स्कूल तक पहुंचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार बस समस्या को लेकर विभाग के अधिकारियों से बात की जा चुकी है लेकिन अधिकारियों का तर्क है कि पढ़ने के लिए पैदल भी आ सकते हैं।
सरकार के प्रति लोगों का रोष
जलाणा गांव के खेमराज ठाकुर, अनंतराम, हेमराज, ओमप्रकाश, राजेंद्र सहित अन्य ने बताया कि वह हर रोज बच्चों को घने जंगल वाला रास्ता पार करवाकर घर लौटते हैं। पिछले दो वर्षों से बच्चे लगातार पैदल ही स्कूल पहुंच रहे हैं। जब स्थानीय निवासी भी अर्की मुख्यालय की ओर जाते हैं तो उन्हें बस ही नहीं मिलती है। इसके चलते क्षेत्र के लोगों में सरकार के प्रति खासा रोष है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बस का समस्या का कोई समाधान नहीं होता तो वह आने वाले दो दिन के भीतर चक्काजाम भी करने से गुरेज नहीं करेंगे।
जल्द चलाई जाएगी बस
क्षेत्रीय प्रबंधक पथ परिवहन निगम सोलन शुगल सिंह ने कहा कि जलाणा के लिए चलने वाली बस को सवारियां कम होने के कारण इसे बंद कर दिया है। बच्चों की समस्या को देखते हुए इसे जल्द ही बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।