संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में बुधवार सुबह हुई मानसून की पहली बारिश से कालका-शिमला नेशलन हाईवे-5 पर पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरना शुरू हो गया। बारिश से धर्मपुर, पट्टा मोड़, मनसार और बड़ोग बाईपास में कई जगहों पर पहाड़ी से पत्थर सड़क पर आ गए।
हालांकि इससे वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध नहीं हुई। फोरलेन कंपनी की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंच पत्थरों को सड़क से किनारे किया। पत्थर गिरने से हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों काफी डर-डर कर चलते रहे। हालांकि दोपहर बाद बारिश से कुछ राहत मिल गई।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर फोरलेन निर्माण के बाद अतिसंवेदनशील श्रेणी में आ गया है। यहां पर बारिश में पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरना शुरू हो जाता है। पहले भी कई बार वाहनों पर पत्थर और मलबा गिर चुका है। हालांकि इसमें फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की जेसीबी मशीनें चलती रहती हैं। जैसे ही कहीं पर पत्थर या मलबा गिरता है, वह तुरंत उसे हटा देते हैं। इसकी सूचना तुरंत लोगों ने फोरलेन निर्माता कंपनी की टीम को दी। टीम ने मौके पर आकर मलबा सड़क से किनारे किया और यातायात को सुचारु रखा।
उधर, फोरलेन निर्माता कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ई. बलविंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार को तीन जगहों पर मलबा और पत्थर आए थे जिन्हें तुरंत हटा दिया गया। बरसात से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। मलबा सड़क पर आते ही तुरंत हटाने के निर्देश टीम को दिए हैं।
पेट्रोलिंग को भी बढ़ाया
हाईवे पर नजर रखने के लिए कंपनी की ओर से पेटोलिंग को बढ़ा दिया है। अब टीम बारिश में दिन और रात में छह से सात चक्कर परवाणू से सोलन तक लगाएगी। इससे हाईवे की स्थिति की भी पूरी जानकारी मिलगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए हाईवे किनारे लगे फोन को भी जांच लिया गया है।