संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला प्रशासन ने सूखे से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमवार को अतिरिक्त उपायुक्त सोलन जफर इकबाल ने विभिन्न विभागों की बैठक में सूखे की संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि जिले में सूखे से निपटने के लिए खंडवार योजना तैयार की जाए जिससे खंड विशेष की भौगोलिक स्थिति के अनुसार त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने विभाग को मौसम के अनुसार फसलों की स्थिति के संबंधमें डाटा तैयार करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने किसानों की सहायता के लिए फसल बीमा जैसे उपाय करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सूखे और पानी की कमी के विषय में किसानों को जागरूक करने के लिए भी कहा ताकि इससे निपटा जा सके।
जिले में काफी समय से बारिश न होने से सूखे के हालात हो गए हैं। कई क्षेत्रों में अभी तक टमाटर और शिमला मिर्च की पौध भी नहीं लग पाई है। यदि कुछ दिन और बारिश नहीं होती है तो फसलें भी खत्म हो जाएंगी।
अन्य विभागों को दिए निर्देश
उन्होंने पशु पालन विभाग को निर्देश दिए कि पशुओं की आवश्यकता के अनुसार तुड़ी और चारे का प्रबंध किया जाए। पशुओं के लिए आवश्यक दवाओं का समुचित भंडारण भी करें। वन विभाग को निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को आग के नुकसानों को रोकने के उपायों के विषय में जागरूक किया जाए।
ग्रामीणों को बताया जाए कि अपनी निजी भूमि पर आग लगाने के लिए वन विभाग से पूर्व में अनुमति लेना आवश्यक है और बिना अनुमति के ऐसा करने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वन विभाग आग के समय जंगली जानवरों को रिहायशी क्षेत्रों में आने से रोकने के लिए टीमें तैनात करने के लिए भी कहा।
बैठक में उपमंडलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपमंडलाधिकारी कसौली डॉ. संजीव धीमान, कंडाघाट डॉ. विकास सूद, उपनिदेशक पशुपालन विभाग डॉ. बीबी गुप्ता, अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग सोलन बीबी गोयल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कम पानी वाले क्षेत्र चिह्नित करने के आदेश
अतिरिक्त उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि जिले में ऐसे सभी स्थान चिह्नित किए जाएं जहां जल की कमी होने की संभावना है। उन्होंने प्राकृतिक एवं पारंपरिक जल स्रोतों की साफ-सफाई और जलापूर्ति योजनाओं का समुचित क्लोरीनेशन करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि आपातकालीन चिकित्सा टीमें गठित करें और दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में रखें।