बद्दी(सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र झाड़माजरी में साबुन बनाने वाली विप्रो कंपनी ने अपने डेढ़ सौ कामगारों के लिए सोमवार को गेट बंद कर दिया। इन कामगारों को दूसरे प्लांट में शिफ्ट किया जा रहा था जबकि कामगारों को दिसंबर माह तक कंपनी प्रबंधकों के साथ लिखित रूप से समझौता हुआ था। समझौते को दरकिनार कर कामगारों का गेट बंद किया गया।
इस पर कामगारों ने श्रम कार्यालय परिसर में कंपनी संचालकों के खिलाफ नारेबाजी की और धरना-प्रदर्शन किया। विप्रो कंपनी के कामगार सोमवार को जैसे ही कंपनी में ड्यूटी करने गए तो कंपनी ने गेट के बाहर नोटिस चिपका दिए। उन्हें दूसरे प्लांट में शिफ्ट करने की बात कही है। कामगारों का कहना है कि उनका एग्रीमेंट दिसंबर तक था तो उन्हें उसी एग्रीमेंट पर दूसरे प्लांट में क्यों शिफ्ट किया जा रहा है। वह जाने को तैयार है लेकिन उनका दोबारा से एग्रीमेंट बनना चाहिए और वेतन भी बढ़ना चाहिए।
विप्रो कर्मचारी संघ के प्रधान विक्की, सचिव संतलाल, संजीव कुमार, विजय, बलबीर सिंह, विरेंद्र कुमार, सुरेंद्र, मुकेश, विक्की, सुनील दत्त, अंकित कुमार, सुरेश कुमार, बिंदू, जगरूप सिंह, सुधीर, राजेश, नानक चंद, ओमप्रकाश, विरेंद्र, चरणजीत सिंह के नेतृत्व में कामगार श्रम कार्यालय परिसर के बाहर एकत्रित हुए और कंपनी संचालकों के खिलाफ नारेबाजी की। कामगारों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई, आंदोलन जारी रहेगा।
उधर, श्रम अधिकारी मनीष करोल ने बताया कि कामगारों और कंपनी संचालकों के बीच वार्ता चल रही है। जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा।