कंडाघाट (सोलन)। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कंडाघाट डॉ. पुष्प लता की अदालत ने आरोपी इंद्र सिंह को दुकान में चरस रखने का दोषी करार देते हुए छह माह का कठोर कारावास और 10,000 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जानकारी के अनुसार दोषी इंद्र सिंह वाकनाघाट में निजी विश्वविद्यालय के पास अपनी दुकान चलाता था। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी वहां पर विवि के छात्रों को चरस की सप्लाई करता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा और दुकान से 52 ग्राम चरस और 10 ग्राम अफीम बरामद की गई। 24 सितंबर 2016 को कंडाघाट थाने में मामला दर्ज किया गया। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोषी को सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी कंडाघाट प्रशांत सिंह नेगी ने की। उन्होंने मामले की पुष्टि भी की।