संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। परवाणू-कसौली रोड पर टकसाल रेलवे स्टेशन के साथ बार-बार फाटक बंद होने से उद्यमी और आम लोग परेशान हैं। ट्रेन की क्रॉसिंग के चलते यह फाटक करीब 18 बार बंद होता है। इससे यहां अकसर जाम की समस्या रहती है।
कई बार आपात स्थिति में फाटक बंद होने से एंबुलेंस भी फंस जाती है। समस्या को लेकर उद्यमियों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और रेलवे बोर्ड को रेल ओवरब्रिज बनाने को लेकर ज्ञापन भी सौंपा है। अधिकतर परेशानी उद्योगों में आने-जाने वाले वाहनों को होती है।
कालका-शिमला लाइन पर रोजाना कालका से शिमला और शिमला से कालका के लिए 16 ट्रेन चलती हैं। कई बार फाटक बंद रहता है जबकि वहीं कई बार लाइट जाने पर भी फाटक बंद रहता है। ऐसी समस्या पिछले दिनों भी टकसाल में आई थी।
इस कारण परवाणू-कसौली रोड पर मार्केट, सेक्टर-4, सेक्टर-5, टकसाल, अंबोटा, जंगेशू और मसूलखाना में लोगों और उद्यमियों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। ट्रेन आने से करीब पांच मिनट पहले फाटक बंद होता है और ट्रेन गुजरने के करीब तीन से चार मिनट बाद फाटक खोला जाता है। फाटक बंद होने से दो किलीमीटर लंबा जाम लगता है।
टकसाल रेलवे स्टेशन मास्टर रामनारायण ने बताया कि रोजाना करीब 18 ट्रेन आती-जाती हैं। ट्रेन आने से कुछ देर पहले ही फाटक बंद होता है। लोगों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाती।
प्रशासन के समक्ष उठाया है मसला
उघोग संघ परवाणू के सचिव सार्थक तनेजा ने बताया कि संघ ने फाटक पर रेल ओवरब्रिज बनाने का मामला प्रशासन के समक्ष उठाया है। उन्होंने कहा कि फाटक के बार-बार बंद होने से यहां के उद्योगपतियों और आम निवासियों को परेशानी हो रही है।