बद्दी (सोलन)। प्रदेश सरकार ने बीबीएन में स्कूल अपग्रेड तो कर दिए हैं लेकिन किसी भी स्कूल में गैर शिक्षकों के पद सृजित नहीं किए हैं। जहां पर पहले से गैर शिक्षक हैं, वहां जैसे-तैसे काम चल रहा है लेकिन जिन स्कूलों में कोई भी गैर शिक्षक नहीं है, वहां कार्य रामभरोसे है। सफाई कर्मी, चौकीदार और पुस्तकालय सहायक का पद भी सरकार ने डाइंग कैडर में डाल दिया है। इससे सफाई कर्मी, चौकीदार व पुस्तकालय सहायक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उनके स्थान पर दूसरा कर्मी नहीं तैनात किया जा रहा है।
बीबीएन के उच्च विद्यालय झाड़माजरी, बिलांवाली, भटोली कलां, बधौणी घाट और शेरा स्कूलों को सरकार ने अपग्रेड तो कर दिया लेकिन यहां पर गैर शिक्षकों के पद नहीं भरे गए। इसके अलावा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हरिपुर संडोली, मधाला, लोदीमाजरा, घरेड़, नानुवाला खेड़ा, चनाल माजरा, थाना आदि में गैर शिक्षकों के पद सृजित नहीं किए हैं। जिन उच्च विद्यायलों में गैर शिक्षक पहले से तैनात थे, वहां पर तो कार्य चल रहा है लेकिन जहां पर नहीं हैं वहां अध्यापक ही सैलरी बनाने व अन्य कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
वर्तमान में नालागढ़ के पांच स्कूल और कालेज में सफाई कर्मी है लेकिन जैसे ही यह सेवानिवृत्त हो रहे हैं तो उनके स्थान पर कोई दूसरा नहीं रखा जा रहा है। चौकीदार और पुस्तकालय सहायक के पद भी डाइंग कैडर में डाल दिए हैं। गैर शिक्षक संघ के जिला वरिष्ठ उपप्रधान हेमराज चंदेल ने कहा कि 1986 की शिक्षा पद्धति के आधार पर पहले एक स्कूल में एक अधीक्षक, एक वरिष्ठ सहायक व एक लिपिक का पद होता था।
अब जितने भी स्कूल खुले हैं वहां पर पद ही सृजित नहीं किया गया है। कुछ स्कूलों में प्रधानाचार्य को डीडीओ पावर दी गई है लेकिन यहां पर गैर शिक्षकों के कार्यों का दायित्व किसी को नहीं दिया गया है जिससे वित्तीय अनियमितताएं होने की संभावना है।
उपनिदेशक डॉ. जगदीश नेगी ने नए स्कूलों में गैर शिक्षकों के पद सृजित नहीं होने की बात कही है। उनका कहना है कि अभी तक किसी भी स्कूल के एसएमसी से उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है जहां पर गैर शिक्षकों के चलते कार्य रुका हो। अगर ऐसी कोई शिकायत आती है तो उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। (संवाद)