संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बढ़ती महंगाई ने लोगों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। खाद्य वस्तुओं, फलों-सब्जियों समेत पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। रोजमर्रा की जरूरत का अधिकतर सामान आम आदमी की पहुंच से दूर हो चुका है।
हालत ऐसी है कि बाजार में लोग खाद्य वस्तुओं का किलो का भाव पूछकर पाव भर सामान खरीद रहे हैं। लोग खरीदारी के लिए पहुंच तो रहे हैं लेकिन दाम सुनकर उनके चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं। खासकर राशन और सब्जियों में जहां 500 रुपये में सप्ताह का गुजारा हो जाता था।
अब एक हजार रुपये में तीन से चार दिन की खरीदारी भी मुश्किल से हो रही है। रसोई में उपयोग होने वाला आटा, चावल और दालें बेतहाशा महंगी हो चुकी हैं। सरसों का तेल 200 तो रिफाइंड 170 बिक रहा है। स्कूल की किताबें, वर्दी, जूते और अन्य स्टेशनरी भी महंगी हो चुकी है। सबसे ज्यादा मुश्किलें कोरोना में बेरोजगार लोगों के लिए हो रही है। उनकी आमदनी कम है जबकि खर्चे अधिक है।
घर का बजट बिगड़ा : रामलाल
सोलन के निवासी रामलाल ने कहा कि बाजारों में खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से घर का बजट बिगड़ गया है। कोविड के बाद कारोबार खुलने के साथ-साथ महंगाई भी तेजी से बढ़ रही है। आम जनता को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
खाना बनाने की मुश्किल : चंपा
बाईपास निवासी चंपा ने कहा कि महंगाई बढ़ने से घरों में सुबह-शाम खाना बनाने का संकट खड़ा हो गया है। रोज नई सब्जी बनाना मुश्किल है। ऐसे में दाल ही ज्यादातर बनाई जा रही है जिसे खाने से बच्चे इंकार कर देते हैं।
बच्चों को सामान महंगा : मान सिंह
सोलन निवासी मान सिंह ने कहा कि महंगाई हर तरफ से बढ़ रही है। सब्जी, दालों के अलावा बच्चों की पढ़ाई पर भी महंगाई का असर पड़ा है। किताबें, स्टेशनरी, वर्दी और जूते खरीदने में ही भारी खर्च हो रहा है।
दुकानों पर भी ग्राहक हुए कम : सन्नी
लोअर बाजार के दुकानदार सन्नी ने कहा कि बाजारों में खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। इससे ग्राहक भी कम आ रहे हैं। जो खरीदारी को आते हैं, 10 वस्तुओं के भाव करते हैं फिर एक वस्तु खरीदते हैं। इसी में दिन निकल रहा है।