संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में नई कंपनी क्रसना बायोटेक ने रविवार को मरीजों को सुविधा नहीं दी। इसके चलते मरीजों को निजी लैब में टेस्ट करवाने के लिए मजबूर होना पड़ा। मरीजों को अधिकतर परेशानी तब आ रही है, जब रात को निजी लैब भी बंद हो जाती है। आपात स्थिति में आने वाले कई मरीजों को सुबह होने तक टेस्ट के लिए रुकना पड़ रहा है।
सवाल यह है कि एसआरएल डायग्नॉस्टिक को सामान शिफ्ट करने के लिए सप्ताह का समय दिया गया है। ऐसे में क्रसना बायोटेक यहां कार्य कैसे शुरू कर पाएगी। इसके चलते आगामी दिनों में भी मरीजों को काफी परेशानी होने वाली है। इस स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने सरकारी लैब में टेस्ट का समय बढ़ाने का दावा किया।
करार के अनुसार क्रसना बायोटेक ने शनिवार शाम 5:00 बजे के बाद टेस्टिंग कार्य शुरू करना था। क्रसना बायोटेक ने रविवार से भी सेवाएं शुरू नहीं कीं। लैब के दरवाजे पर ताला लटका रहा और लैब बंद होने का नोटिस चस्पां रहा। हालांकि कई मरीजों ने लैब का रुख किया लेकिन लैब बंद देखकर काफी परेशानी हुई। खून का टेस्ट करवाने के लिए भर्ती मरीजों के तीमारदार सैंपल लेकर निजी लैबों में भटकते रहे। यहां उन्हें अधिक पैसे देकर टेस्ट करवाने पड़े।
उधर, क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा ने कहा कि सरकार के आदेशों के अनुसार क्रसना बायोटेक ने टेस्ट लैब का जिम्मा संभालना है। सोमवार के लिए अस्पताल प्रशासन ने कमर कसी हुई है। मरीजों के टेस्ट सरकारी लैब में भी होंगे। इसके लिए समय को बढ़ाया जाएगा।
नहीं हो पाया टेस्ट
नैनाटिक्कर के साथ लगती पंचायत के रतन ने बताया कि पत्थरी की शिकायत के चलते अस्पताल आए थे। अस्पताल में एसआर लैब बंद रही। पहले भी यही टेस्ट करवाए थे लेकिन रविवार को लैब बंद होने पर अस्पताल के साथ निजी लैब में टेस्ट करवाने पड़े। यहां पर अधिक पैसे वसूले गए।
लैब के बंद होने से पहले देनी चाहिए थी सुविधा
वाकनाघाट के पिंकू ने कहा कि वह अपने बच्चे के सैंपल निजी लैब में देकर आए हैं। पहले अस्पताल में ही सैंपलों की जांच हो जाती थी। रविवार को टेस्ट को लेकर इधर-उधर भटकना पड़ा। एसआर लैब के बंद होने से पहले कोई सुविधा अस्पताल को ही देनी चाहिए थी।