संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में वीडियो और फोटोग्राफी पर रोक लगा दी गई है। लोगों को जानकारी देने के लिए अस्पताल प्रशासन ने कई जगह बोर्ड चस्पां कर दिए हैं। इस फरमान में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारी की वीडियो और फोटोग्राफी करने पर भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि आम लोगों और राजनीतिक दलों ने इस फरमान का विरोध शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने अपनी खामियों को छुपाने के लिए मनमाना निर्णय लिया है।
क्षेत्रीय अस्पताल अपनी लचर व्यवस्था को लेकर सुर्खियों में रहता है। कई बार अस्पताल में अव्यवस्थाओं के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो चुके हैं। बीते दिनों शिशु रोग विशेषज्ञ का एक वीडियो वायरल हुआ था। कई बार बहस समेत अन्य वीडियो वायरल हो चुके हैं। ऐसे में अब लोग अस्पताल में वीडियो और फोटो नहीं ले सकेंगे।
कांग्रेस पार्टी ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा
जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव शिवदत्त ठाकुर ने कहा कि अस्पताल प्रशासन के फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी न करने के आदेशों का कांग्रेस कमेटी विरोध करती है। अस्पताल प्रशासन ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए यह कार्य किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल इसकी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी ने ये आदेश दिए हैं, उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
अस्पताल को बना दिया जाए ऐश आराम का अड्डा
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता कुशल जेठी का कहना है कि अव्यवस्थाओं को छुपाने के लिए प्रशासन ने ये आदेश्र दिए हैं। लोग वीडियो और फोटोग्राफी से अपनी आवाज बुलंद कर सरकार को जगाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोग अपनी आवाज नहीं उठाएंगे तो अस्पताल को बंद कर कर्मचारियों के ऐशोआराम का अड्डा बना दिया जाना चाहिए। इस पर स्वास्थ्य मंत्री को संज्ञान लेना चाहिए।
लोकतांत्रिक देश में स्वतंत्रता का हो रहा हनन
आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुरजीत ठाकुर ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में स्वतंत्रता का हनन हो रहा है। अस्पताल में ऐसे सूचना पट्ट चस्पां करना स्वास्थ्य विभाग की नाकामी दिखा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री भी इस मामले पर आंखें मूंद कर बैठे हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में पीछे रही सरकार अब उेसे हथकंडे अपना रही है।