उपमंडल के बसंतपुर, कशलोग और हनुमान बड़ोग में एक महीने से तेंदुए ने आतंक मचा रखा है। इस कारण ग्रामीण तेंदुए के आतंक से सहमे हुए है।
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उपमंडल के बसंतपुर, कशलोग और हनुमान बड़ोग में एक महीने से तेंदुए ने आतंक मचा रखा है। इस कारण ग्रामीण तेंदुए के आतंक से सहमे हुए है। लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। पंचायत बसंतपुर के हरथु गांव में तेंदुआ अधिक सक्रिय है। पंचायत के उपप्रधान मनोज ठाकुर ने बताया कि गत सप्ताह इस गांव के हरीराम अपनी घासनी में पशुओं को चरा रहे थे तो उसी समय तेंदुए मवेशियों पर हमला बोल दिया था। इस हमले में उनकी बछड़ी बुरी तरह घायल हो गई और इस बछड़ी की हालत इतनी दयनीय है कि उसके बचने की आस बहुत कम है। तेंदुए ने इसी गांव के कमलचंद के घर के आंगन में खूंटे से बंधी एक और मवेशी पर हमला किया है।
रात को जब सारे घरवाले अपने घर में टेलीविजन देख रहे थे तो उस वक्त इसने उनकी बछड़ी को मार खाया। मनोज ने बताया कि शुक्रवार को उनके गांव का एक युवक प्रकाश जब अपनी मोटरसाइकिल पर घर आ रहा था तो ये तेंदुआ उनके रास्ते के आ गया। प्रकाश ने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण उसकी आवाज सुनकर बचाव के लिए दौड़े। इसके बाद तेंदुआ वहां से भाग गया। शनिवार रात को फिर से इस तेंदुए को गांव में घूमते हुए देखा गया। तेंदुए की दहशत से भयभीत सभी ग्रामीणों ने वन विभाग से गुहार लगाई है कि वे जल्दी से जल्दी इस तेंदुए को पकड़कर उन्हें इसके कोहराम से बचाएं।
डीएफओ आरएस जसवाल ने बताया कि उनके पास इस बारे कई गांवों से शिकायत आई हैं। आरओ अर्की प्रीती और आरओ दाडला पुष्पराज को आदेश कर दिए हैं। वे एक दो दिन के अंदर ही उक्त गांव में पिंजरा लगवा देंगे और जल्दी ही सभी ग्रामीणों को इसके भय से छुटकारा दिलवाया जाएगा।