सोलन। जिले में पीलिया ने पांव पसराना शुरू कर दिए हैं। बरसात के मौसम में क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में रोजाना आठ से नौ मामले पीलिया के आ रहे हैं, जबकि दो सप्ताह में 100 से अधिक लोग पीलिया के शिकार हो गए हैं। हालांकि पीलिया सहित अन्य जलजनित रोगों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है।
पीलिया, डायरिया सहित अन्य रोगों के लिए दवाइयों सहित जागरूकता कार्यक्रमों भी शुरू कर दिया है। विभाग ने लोगों को पीलिया से निपटने के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी है। जानकारी के अनुसार बारिश के दौरान पेयजल दूषित हो जाता है।
इस कारण जलजनित रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। पीलिया के साथ रोजाना 12 से 15 मामले डायरिया के भी पहुंच रहे हैं। कोरोना के बीच जलजनित रोग बढ़ने से जिला स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। हालांकि, जलजनित बीमारियों को लेकर जिला प्रशासन की ओर से इंतजाम पुख्ता किए गए हैं। वहीं, विभाग ने लोगों को जागरूक करने के लिए आईईसी एक्टिविटी भी चलाई हुई है।
क्षेत्रीय अस्पताल के मेडिकल विशेषज्ञ डॉ. कमल अटवाल ने बताया अस्पताल में हर रोज आठ से नौ केस पीलिया के आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। साथ ही लोगों से स्वच्छता ध्यान रखने की अपील की है। उधर, सीएमओ डॉ. राजन उप्पल ने कहा कि जलजनित रोगों से निपटने के लिए विभाग अलर्ट पर है। इसके लिए सभी इंतजाम पुख्ता कर लिए हैं। बरसात के मौसम में जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिला भर में दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक है।