जायकॉव-डी ने क्लीनिकल ट्रायल पास किए हैं। वैक्सीन को मान्यता देने वाली सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटरी (सीडीएल) कसौली ने बाकायदा अपनी वेबसाइट में इसकी पुष्टि की है। कंपनी ने क्लीनिकल ट्रायल के लिए वैक्सीन के बैच कसौली भेजे थे। अब कंपनी डीसीजीआई से इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिलते ही वैक्सीन के पब्लिक बैच जांच के लिए दोबारा सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटरी भेजेगी।
यहां से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद कंपनी तीसरी भारतीय वैक्सीन को बाजार में उतारेगी। सूत्रों के अनुसार विषय विशेषज्ञ समिति जल्द जायडस कैडिला द्वारा जमा किए गए डेटा के आधार पर अंतिम मंजूरी कुछ दिनों में दे सकती है। उल्लेखनीय है कि भारत में दो स्वदेशी वैक्सीन को-वैक्सीन, कोविशील्ड समेत रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-वी को सीडीएल कसौली ने मान्यता दी है। सीडीएल कसौली से भारत में उत्पाद, आयात व निर्यात होने वाली वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद ही बाजार में उतारा जाता है।
पहला टीका लगवाने के बाद 28वें दिन दूसरी और 56वें दिन लेनी होगी तीसरी डोज
जायकॉव-डी डीएनए आधारित वैक्सीन है। इसमें कोरोना वायरस का जेनेटिक कोड है जो टीका लगवाने वाले के शरीर में इम्यून सिस्टम को सक्रिय करता है। जायकॉव-डी तीन डोज वाला टीका है। पहला टीका लेने के 28वें दिन दूसरी और 56वें दिन तीसरी डोज लेनी होगी।