संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में धार्मिक कार्यक्रम के चलते कालका-शिमला नेशलन हाईवे-5 पर दिन भर वाहनों की कतारें लगी रहीं। इस कारण कई जगहों में जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा। हालांकि हाईवे में चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनाती रही जो ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत करती नजर आई।
लोगों को अधिकतर जाम से सुबह 8:00 से 10:00 बजे और सत्संग के समाप्त होने के बाद से देर रात तक जूझना पड़ा। कार्यक्रम के चलते पर्यटन नगरी कसौली और चायल में होटल पूरी तरह पैक रहे। शनिवार देर रात मालरोड पर भी खासी भीड़ देखने को मिली और शहर जाम रहा।
हालांकि आंजी में चल तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का रविवार को समापन हो गया। अब स्थानीय लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं झेलनी होगी। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए हरियाणा, पंजाब व दिल्ली से लोग आए थे।
कार्यक्रम के लिए आए लोगों के वाहनों को सोलन से कुमारहट्टी तक करीब 10 किलोमीटर के एरिया में सड़क किनारे ही पार्क करवाया गया। ऐसे में बेतरतीब वाहनों से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कुछ गाड़ियों को सड़क से हटाने का काम भी किया गया। 12:00 बजे खत्म हुए सत्संग के बाद ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखना चुनौती बन गया। पुलिस ने कुछ वाहनों को वाया बड़ोग डायवर्ट किया और कुछ वाहनों को बड़ोग बाईपास से जाने दिया। अधिक संख्या में लोगों और वाहनों के आने से एक लेन में करीब तीन लाइनें लग गईं और वाहन रेंग-रेंग कर निकलते रहे। हालांकि अनुयायियों ने दिन भर ट्रैफिक व्यवस्था बनाने में पुलिस का सहयोग किया।
उधर, डीएसपी सोलन रमेश शर्मा ने कहा कि पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के लिए कड़ी मशक्कत की। लोगों को दिक्कत से बचाने के लिए शनिवार को एडवाइजरी भी जारी की गई थी।
सोलन से निकले तो फंस गए अन्य जगहों पर
सत्संग खत्म होने के बाद वाहन सोलन से निकलने के बाद पट्टामोड, सनवारा टोल, जाबली व टीटीआर चौक पर फंस गए। यहां पर वाहनों के अधिक संख्या में एक साथ पहुंचने के बाद कतारें लग गई। वहीं रबौन में लगे जाम में एंबुलेंस भी फंस गई।
एचआरटीसी ने संभाला मोर्चा
सत्संग में आए लोगों को गंतव्य स्थानों तक पहुंचने के लिए दोपहर बाद एचआरटीसी ने मौका संभाला। लोगों को सोलन से चंडीगढ़ तक पहुंचाने के लिए एचआरटीसी सोलन डिपो समेत नालागढ़ व परवाणू डिपो ने भी लोगों को सुविधा दी। इस कार्य को आरएम सोलन शुगल सिंह ने बहुत सही ढंग से किया। करीब पांच बजे तक लोगों को गंतव्य की ओर रवाना किया। हालांकि बसों में इस दौरान काफी भीड़ देखने को मिली। कई बसों में ओवरलोडिंग भी देखी गई।